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महाराष्ट्र: उद्धव CM चेहरा नहीं, चव्हाण ने उम्मीदों पर फेरा पानी; शरद गुट के नेता जयंत पाटिल ने भी बढ़ाई उलझन

Sat, 10 Aug 2024 05:25 AM IST
ज्योति भास्कर सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला

सार

महाराष्ट्र की राजनीति के चौसर पर कैसा खेल होने वाला है, ये आने वाला समय बताएगा। विधानसभा चुनाव में चंद महीने बाकी हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी कौन होगा, इस पर अभी से ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने उम्मीदों पर पानी फेरते हुए कहा, उद्धव CM पद के लिए चेहरा नहीं हैं। शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल के बयान से भी उलझन बढ़ती दिख रही है।
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उद्धव ठाकरे। - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पूर्व विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति पैदा हो गई है। एक तरफ, उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने के लिए दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को साधने में जुटे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने साफ कर दिया कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं हैं। वहीं, शरद पवार की एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की इच्छा प्रकट कर उद्धव की मुश्किलें बढ़ा दी है।

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एमवीए के घोषणा पत्र पर चुनाव होगा
उद्धव ठाकरे को एमवीए की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने की चर्चा के बाद शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (शरद) गठबंधन एमवीए में करीब आधा दर्जन लोग इस रेस में आ गए है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, एमवीए में कई लोग चेहरा बनने के इच्छुक हैं। कांग्रेस में ही ऐसे दो-तीन लोग हैं जबकि एनसीपी में दो और शिवसेना (यूबीटी) में भी दो लोग इस पद की रेस में हैं। इस तरह एमवीए में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने के लिए पांच-छह लोग कतार में हैं। इसलिए किसी चेहरे की जरूरत नहीं है। हम एमवीए के घोषणा पत्र पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। एमवीए के चेहरे के रूप में उद्धव ठाकरे को मंजूरी मिलने की संभावना नहीं है।

कांग्रेस की जी हुजूरी के बाद भी उद्धव खाली हाथ: भाजपा
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने तंज कसा कि तीन दिनों तक कांग्रेस की जी हुजूरी करने के बाद भी उद्धव ठाकरे के हाथ खाली हैं। उन्हें कोरा भूसे के अलावा कुछ नहीं मिला। मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा के लिए वे दिल्ली गए लेकिन उन्हें संदेश भेज दिया गया है कि कांग्रेस ही बड़ा भाई बनेगा। उपाध्ये ने कहा कि भाजपा हमेशा शिवसेना को 125 से अधिक सीटें देती रही है लेकिन अब 100 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उद्धव ठाकरे को कांग्रेस के सामने झुकना पड़ रहा है।

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