राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने अपने चाचा और वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन के बाद नेताओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस समय राजनीतिक चर्चाओं से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यह वक्त राजनीति का नहीं, बल्कि शोक व्यक्त करने और आत्ममंथन का है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार के जाने से जो दुख परिवार और समर्थकों को हुआ है, वह किसी भी मौजूदा राजनीतिक बहस से कहीं अधिक बड़ा है। उन्होंने कहा उनके जाने से हम सभी गहरे शोक में डूबे हैं और ऐसे माहौल में राजनीतिक चर्चाएं करना उचित नहीं है।
आज राजनीति नहीं, संवेदना जरूरी
करजत-जामखेड़ से दो बार विधायक रह चुके रोहित पवार ने कहा कि अगर अजित पवार आज जीवित होते, तो भी उनकी मौजूदगी में इस तरह की राजनीतिक बहसें नहीं होतीं। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा पवार परिवार के सदस्य के रूप में मैं विनम्र अनुरोध करता हूं कि फिलहाल ऐसे किसी भी बयान या चर्चा से बचा जाए, जो उनके विचारों या उनके स्पष्ट और बेबाक स्वभाव के खिलाफ जाए।
राजनीति के लिए आगे भी समय मिलेगा
रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि भविष्य में राजनीति पर चर्चा के पर्याप्त मौके मिलेंगे, लेकिन आज का दिन उसके लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय प्राथमिकता शोक, संवेदना और दिवंगत नेता को सम्मान देने की होनी चाहिए।
एनसीपी विलय और हादसे को लेकर अटकलें जारी
गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। शरद पवार ने दावा किया है कि दोनों दलों के विलय की घोषणा 12 फरवरी को होने वाली थी, जबकि अन्य नेताओं ने इन दावों को खारिज किया है। इसके साथ ही हादसे की प्रकृति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत समेत कुछ नेताओं ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।