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Maharashtra Politics: 'हम बहुत सोच-समझकर...', राज ठाकरे के साथ भविष्य की राजनीति पर उद्धव का बड़ा संकेत

Thu, 08 Jan 2026 07:25 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने के बाद सियासी गणित बदल चुकी है। लगभग दो दशकों में पहली बार राजनीतिक रूप से उद्धव और राज दोनों एक साथ आए हैं। ऐसे में अब उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे की पार्टी के साथ गठबंधन पर बड़ा बयान दिया है। 
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मनसे सुप्रीमो राज ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजनीति में करीब 20 साल बाद ठाकरे बंधु फिर एक साथ आ चुके हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) मुंबई सहित महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों का चुनाव एक साथ पूरे दमखम से साथ लड़ रही है। राज्य में 15 जनवरी को निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ गठबंधन को लेकर बड़ा संकेत दिया है।
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भविष्य की राजनीति पर उद्धव का बड़ा संकेत
नगर निगम चुनावों से पहले एक साथ आए ठाकरे बंधुओं पर उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि वह और उनके चचेरे भाई मनसे प्रमुख राज ठाकरे कभी अलग नहीं होंगे। उद्धव ठाकरे ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब तक हम साथ नहीं आए थे, लोग हमसे पूछते थे कि हम साथ क्यों नहीं आ रहे हैं? अब वे पूछ रहे हैं कि हम साथ क्यों आए हैं और हम कब तक साथ रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इन बातों का ज्यादा मतलब नहीं है। हम बहुत सोच-समझकर और समझदारी से साथ आए हैं। अब, हम कभी अलग नहीं होंगे और एकजुट रहेंगे।

भाजपा और नरेंद्र मोदी पर उद्धव का आरोप
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा और पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए चुनाव प्रचार किया था, लेकिन मोदी उनकी पार्टी को खत्म करने पर तुले हुए हैं। इंटरव्यू के दौरान उद्धव ने कहा, 'मुझे दुख और गुस्सा है कि मैंने 2014 और 2019 में मोदी जी के लिए प्रचार किया। दो बार उनकी मदद करने के बाद भी उन्होंने मेरी पार्टी को तोड़ दिया।
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मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना भाजपा का 'पुराना सपना'
ठाकरे ने कहा, 'मैं कह रहा था कि उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। अब वे कह रहे हैं कि मेरा काम तमाम हो जाना चाहिए। लोगों को ये दोनों बातें समझ आने लगी हैं।' ठाकरे ने यह भी कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना भाजपा का 'पुराना सपना' है। उन्होंने कहा, 'अब उन्हें लगता है कि बालासाहेब ठाकरे नहीं हैं और उन्होंने कागजों पर शिवसेना को खत्म कर दिया है। लेकिन वे इसे जमीनी स्तर पर साबित नहीं कर सकते।'

उन्होंने कहा, 'आपने देखा होगा कि 2012 तक, जब बालासाहेब सत्ता में थे, तब वे (भाजपा) 'सीधे' थे।' जब उनसे पूछा गया कि क्या वह राजनीति के 'गिरते मानकों' के लिए किसी को दोषी ठहराना चाहते हैं तो उद्धव ने कहा, 'किसी व्यक्ति से ज्यादा, यह व्यवहार होगा, जैसे कि भाजपा का व्यवहार।'
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राज ठाकरे के पिता को किया याद
बातचीत के दौरा जब पूछा गया कि क्या राजनीतिक नेता उद्धव ठाकरे, शौकीन फोटोग्राफर उद्धव ठाकरे पर हावी हैं, तो शिसेना यूबीटी नेता ने कहा कि मैं मूल रूप से एक कलाकार हूं। मैं एक कार्टूनिस्ट (शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे) का बेटा हूं। आप कला का काम खरीद सकते हैं, लेकिन आप कला नहीं खरीद सकते। उन्होंने आगे बताया कि कला खून में होनी चाहिए। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं, जो कला में सहज महसूस करता है। इसी के साथ उद्धव ने याद किया कि राज ठाकरे के पिता श्रीकांत ठाकरे ने ही उन्हें अपना पहला कैमरा दिया था।

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