राउत ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मंदिर के चंदे में घोटाला हुआ है। इसी घोटाले के पैसे का इस्तेमाल नेताओं को खरीदने के लिए किया गया है। संजय राउत ने पार्टी छोड़ने वाले छह सांसदों को गद्दार कहा है और आरोप लगाया कि वे ₹50 करोड़ के लिए बिके हैं। उन्होंने आदित्य ठाकरे को भविष्य का नेता बताया।
शिवसेना-यूबीटी में बड़ी हलचल मची है। पार्टी के छह सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। इस पर सांसद संजय राउत ने बहुत तीखा हमला बोला है। राउत ने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले भगत सिंह बागी थे। वीर सावरकर, राजगुरु, सुखदेव और अशफाकउल्ला खान बागी थे। वे गद्दार नहीं थे। राउत ने पूछा कि क्या कोई 50 करोड़ रुपये के लिए बागी बनता है? उन्होंने साफ कहा कि इन लोगों ने पार्टी और जनता को धोखा दिया है। इसलिए ये गद्दार हैं।
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आदित्य ठाकरे संभालेंगे कमान, उद्धव करेंगे दौरा
पार्टी में टूट के बाद भी संजय राउत का हौसला बुलंद है। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) आज भी मजबूत है। अब युवाओं को आगे आना चाहिए। राउत ने कहा कि आदित्य ठाकरे के पास नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। वह आगे आकर पार्टी की कमान संभालेंगे। हम सब इसका स्वागत करेंगे।
बागी सांसदों को घेरने के लिए उद्धव ठाकरे खुद मैदान में उतर रहे हैं। वह उन सभी छह सांसदों के क्षेत्रों का दौरा करेंगे। राउत ने कहा कि सांसद पैसों और सत्ता के लिए बिक गए। लेकिन पार्टी के असली कार्यकर्ता आज भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं। राउत ने चुनौती दी कि सुरक्षा मिलने से हौसला नहीं बढ़ता, जनता के बीच आकर दिखाएं।
जांच एजेंसियों और चंदे पर उठाए गंभीर सवाल
संजय राउत ने भाजपा और शिंदे गुट पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेता सिर्फ पैसे और जांच एजेंसियों के डर से भाग रहे हैं। राउत ने कहा कि अगर हमें सिर्फ एक घंटे के लिए ईडी और सीबीआई मिल जाए, तो हम इन्हें देख लेंगे। इसके अलावा राउत ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बहुमत वाली सरकार को इस पर चर्चा करने और फैसला लेने का पूरा अधिकार है।
राम मंदिर के घोटाले का पैसा सांसदों को खरीदने में लगा: राउत
संजय राउत ने अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट पर बहुत गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने मंदिर ट्रस्ट को 1 करोड़ रुपये का चेक दिया था। इसके साथ ही 25 किलो से ज्यादा वजन की चांदी की ईंट भी दान की थी। लेकिन पार्टी को आज तक इसकी कोई रसीद नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश में मंदिर के चंदे में हुई हेराफेरी की एसआईटी जांच चल रही है। राउत ने इस जांच का हवाला देते हुए सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चंदे से जो पैसा घोटाला करके चुराया गया, उसी पैसे का इस्तेमाल महाराष्ट्र में सांसदों और विधायकों को खरीदने के लिए किया गया है।