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'फिर निकला EVM का जिन्न': कांग्रेस-UBT शिवसेना के नेता बैलेट पेपर की मांग पर अड़े; BJP बोली- बस बवंडर खड़ा...

Wed, 27 Nov 2024 12:03 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला है। जबकि महा विकास अघाड़ी गठबंधन को बुरी हार का सामना करना पड़ा। झल्लाया विपक्ष लगातार एमवीए की हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहा है।
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एमवीए की हार पर सियासी पारा चरम पर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र में ईवीएम को लेकर लगातार सियासी हंगामा जारी है। यहां चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला है। गठबंधन 234 सीटों पर आगे रही। जबकि महा विकास अघाड़ी गठबंधन को बुरी हार का सामना करना पड़ा। झल्लाया विपक्ष लगातार एमवीए की हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहा है। उसने ईवीएम के हैक होने का आरोप लगाया है। वहीं, बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने वाली याचिका खारिज कर दी। उसका कहना है कि अगर बैलेट पेपर से होगा चुनाव तो क्या भ्रष्टाचार नहीं होगा।  आइए जानते हैं किसका क्या कहना है-

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ईवीएम इस देश में धोखेबाज: संजय राउत
उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'हम पिछले 10 सालों से यह सवाल उठा रहे हैं। जब कांग्रेस सत्ता में थी तो भाजपा ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे। ईवीएम इस देश में धोखेबाज है और अगर ईवीएम नहीं होंगी तो भाजपा को पूरे देश में 25 सीटें भी नहीं मिलेंगी। महाराष्ट्र और हरियाणा के नतीजे जिस तरह से आए हैं, उसे हम स्वीकार नहीं कर रहे हैं। बैलेट पेपर से चुनाव कराएं और जो भी परिणाम आएगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।'

ईवीएम को दोष देने के बजाय आत्ममंथन करें: बावनकुले
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, 'महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के दौरान पांच महीने पहले महा विकास अघाड़ी के 31 सांसद चुने गए थे, क्या उस समय ईवीएम ठीक से काम कर रही थी? अब उनका उम्मीदवार नांदेड़ लोकसभा उपचुनाव जीत गया है, क्या वहां ईवीएम में कोई समस्या नहीं थी? बस बवंडर खड़ा रहे हैं, उससे कुछ होने वाला नहीं है। ईवीएम को दोष देने के बजाय उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। पार्टी का हर कार्यकर्ता चाहता है कि उसका नेता सीएम बने। जल्द ही एक अच्छी सरकार बनेगी।'
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आज भी अधिकाशं देश बैलेट पेपर से करा रहे चुनाव: रंजन
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा, 'एक अभियान निश्चित रूप से चलाया जाना चाहिए, जो परिणाम आ रहे हैं उसमें कुछ गड़बड़ है।हम किसी को दोष नहीं देंगे, लेकिन हम सभी चाहते हैं कि यह मतपत्र पर आना चाहिए क्योंकि भले ही आप अंतरराष्ट्रीय उदाहरण लेते हैं, फिर भी अधिकांश देश अभी भी बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराते हैं।

बैलेट पेपर चाहिए मुहिम करेंगे शुरू: खरगे
इन सबके बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा था, 'हमें अपनी पार्टी के तरफ से एक मुहिम शुरू करनी चाहिए। सभी पार्टियों से हम कहेंगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में जैसे भारत जोड़ो यात्रा निकली थी, वैसे ही 'बैलेट पेपर चाहिए' एक देशव्यापी अभियान चलाएंगे।'

'अगर फडणवीस का नाम तय हो गया है तो जल्दी इसकी घोषणा करें'
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'अगर देवेंद्र फडणवीस का नाम तय हो गया है तो जल्दी इसकी घोषणा कर दें। आप महाराष्ट्र के लोगों को उनसे किए गए वायदों से वंचित क्यों कर रहे हैं, आप उन्हें दूर क्यों रख रहे हैं और आप महाराष्ट्र के कठिन संकट की अनदेखी क्यों कर रहे हैं? महाराष्ट्र हो या हरियाणा, महाराष्ट्र के अखबार रिपोर्ट कर रहे हैं कि डाले गए वोटों और 95 सीटों पर गिने गए वोटों में अंतर है। करीब 76 सीटें ऐसी हैं, जहां डाले गए वोटों से कम मत गिने जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या ईवीएम का इस्तेमाल मतदान और गिने गए मतों की संख्या से छेड़छाड़ करने और विजेता घोषित करने के लिए किया जा रहा है। यह व्यापक चर्चा का विषय है। इस मुद्दे पर चर्चा करने और हल करने के बजाय, इसे नकारना चुनाव आयोग की आदत बन गई है।'

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