महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान हो चुका है। सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी का भविष्य ईवीएम में कैद है। 23 नवंबर को मतगणना के बाद खुलासा होगा कि किसके सिर महाराष्ट्र की सत्ता का ताज सजेगा। इससे पहले कल्याण से सांसद और शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे ने चुनाव में महायुति की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि लोगों ने विकास के एजेंडे पर वोट दिया है।
शिंदे ने कहा कि जिस तरह से हमने विकास कार्य किए और कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, उसका परिणाम है कि मतदान प्रतिशत बढ़ गया है। लोगों ने फिर से महायुति सरकार बनाने के लिए वोट दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा अभियान विकासोन्मुखी और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में था। लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया और मुस्लिम और बौद्ध समुदायों को डराने का प्रयास किया था। मगर विधानसभा चुनाव में लोगों ने केवल विकास के एजेंडे पर वोट दिया।
उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजों के बाद महायुति के नेता एक साथ बैठकर तय करेंगे कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा। हमारे गठबंधन में सीएम बनने के लिए नेताओं के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। हम अगले पांच सालों में और अधिक विकास कार्य करने के लिए सरकार बनाना चाहते हैं। पिछले ढाई साल में महाविकास अघाड़ी ने केवल इस पर चर्चा की कि सीएम कौन होगा? वे रोजाना केवल इस पर चर्चा करते थे। उनका संदेश जनता तक भी नहीं पहुंचा।
बुधवार को राज्य में 288 विधानसभा सीटों पर करीब 65 फीसदी मतदान हुआ था। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि 2019 में 61.74 फीसदी मतदान हुआ था। राज्य में महायुति गठबंधन (भाजपा, राकांपा, शिवसेना) एक बार सत्ता बरकरार रखने के प्रयास में है, जबकि महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, राकांपा-एसपी, शिवसेना-यूबीटी) का लक्ष्य महायुति को राज्य की सत्ता से बाहर करना है। चुनाव परिणाम 23 नवंबर को आएंगे।
एनसीपी शरद गुट ने की 12 संवेदनशील केंद्रों पर की दोबारा मतदान कराने की मांग
एनसीपी (शरद गुट) के उम्मीदवार राजेश साहेब देशमुख ने गुरुवार को महाराष्ट्र के बीड में परली विधानसभा क्षेत्र में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर फर्जी मतदान करने का आरोप लगाया। उन्होंने 12 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की। देशमुख ने आरोप लगाया कि 122 संवेदनशील बूथों पर फर्जी मतदान हुआ। इनमें से प्रत्येक बूथ पर केवल एक व्यक्ति मतदान करता हुआ पाया गया और वोटिंग मशीनों को तोड़ने के लिए कुछ गुंडों को बुलाया गया। ये गुंडे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के थे, जिसका पुलिस विभाग भी समर्थन करता है। इस बीच मेरे समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उनमें से आठ को गिरफ्तार किया गया। परली में मतदान के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 122 संवेदनशील बूथों पर नए सिरे से मतदान कराया जाना चाहिए।
मुंबई में 36 स्ट्रांग रूम में रखी गईं ईवीएम, मतगणना केंद्रों की सुरक्षा कर रहे 10 हजार जवान
मुंबई में विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद ईवीएम को 36 स्ट्रांग रूम में रखा गया है। वहीं मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ, सीएपीएफ, एसआरपीएफ और पुलिस के लगभग 10 हजार जवान लगाए गए हैं। मुंबई के चुनाव अधिकारी भूषण गगरानी ने कहा कि स्ट्रांग रूम सीसीटीवी की निगरानी में हैं। वोटों की गिनती के लिए 2700 से ज़्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। शनिवार को सुबह 8 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी। सबसे पहले डाक मतों की गिनती की जाएगी और उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज मतों की गिनती की जाएगी।