पुणे के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पुरंदर से पूर्व विधायक संजय जगताप ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थाम लिया। इस कदम पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर नेताओं को चुराने का आरोप लगाया। चुनाव की नजदीकियां देख माना जा रहा है कि जगताप का जाना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है,
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। पुणे जिले के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पुरंदर के पूर्व विधायक संजय जगताप ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर पकड़ रही है।
विज्ञापन
संजय जगताप ने पुणे जिले के सासवड़ में महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी भाजपा में शामिल हुए। जगताप ने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों की सहमति से यह फैसला लिया ताकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान बेहतर ढंग से कर सकें।
कांग्रेस छोड़ते ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
जगताप के भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि, भाजपा एक 'चुड़ैल' बन गई है जो कांग्रेस से नेता चुराकर उन्हें टिकट और पद देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा खुद के नेताओं को बड़ा बनाने की बजाय कांग्रेस के नेताओं को तोड़कर राजनीतिक लाभ ले रही है।
विज्ञापन
विपक्ष के मजबूत चेहरों को साधने की कोशिश
राज्य में पहले से ही कई कांग्रेस और एनसीपी नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। जानकार मानते हैं कि यह भाजपा की सुनियोजित रणनीति है कि वह विपक्ष के प्रभावशाली नेताओं को अपने पाले में लाकर चुनावी ताकत मजबूत कर रही है। संजय जगताप का भाजपा में आना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस का दावा- विचारधारा से चलता है दल
हर्षवर्धन सपकाळ ने आगे कहा कि कांग्रेस विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है और नेताओं के जाने से उसकी ताकत कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास केंद्र और राज्य में करिश्माई नेतृत्व होने का दावा है, लेकिन असल में वह कांग्रेस के नेताओं को ही आगे बढ़ा रही है।
जगताप का दांव कितना असरदार?
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो संजय जगताप का भाजपा में जाना पुरंदर विधानसभा क्षेत्र में समीकरण बदल सकता है। अब देखना यह होगा कि भाजपा उन्हें किस तरह की जिम्मेदारी देती है और कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है। आने वाले हफ्ते इस सियासी घटनाक्रम को और स्पष्ट करेंगे।