भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी नेता अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। वहीं, राज्य भाजपा के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मैं खुश हूं कि देशमुख ने पद छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में कई 'सनसनीखेज खुलासे' होंगे।
फडणवीस ने कहा कि देशमुख के इस्तीफे की उम्मीद थी और उनके पास कोई और विकल्प नहीं था। उन्हें पहले दिन ही नैतिकता याद करनी चाहिए थी जब आरोप लगाए गए थे। फडणवीस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? उनकी चुप्पी बेचैन करने वाली है।’
अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था: फडणवीस
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था, जिस समय उनपर आरोप लगे थे। उच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप किया उसके बाद गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खामोश क्यों है?
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता की। इसमें उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आजाद भारत में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी बहुत से सेतु निकलेंगे। जो भी महाराष्ट्र में हुआ उसकी जिम्मेदारी लेना उद्धव सरकार का काम ही नहीं जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। सीएम उद्धव ठाकरे खामोश हैं। शरद पवार कहते हैं कि मंत्री के बारे में फैसला मुख्यमंत्री करते हैं। कांग्रेस और शिवसेना कहती है कि अनिल देशमुख के बारे में फैसला एनसीपी करेगी। अनिल देशमुख ने शरद पवार से मिलकर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दिया है ये किस तरह से सरकार चल रही है।
रविशंकर प्रसाद ने शरद पवार को घेरते हुए कहा कि शरद पवार जी देश के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें अनिल देशमुख को पूरी तरह से क्लीन चिट देने के निहितार्थ को समझना चाहिए। प्रसाद ने कहा कि भाजपा को उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष और ठीक तरह से जांच की जानी चाहिए और इसमें शामिल लोगों पर बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का कार्यकाल पूरा होगा ऐसा लगता नहीं है। पूरे देश में कोरोना के 60-65% मामले महाराष्ट्र से आ रहे हैं। क़ानून व्यवस्था बिगड़ गई है। मैंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख को इस्तीफा देनी की जरूरत थी। उन्हें एनसीपी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा बचाने की कोशिश की गई थी। शरद पवार ने अनिल देशमुख को इस्तीफा देनी की इजाजत दे दी है, यह अच्छी बात है।
अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री को लिखी इस्तीफे की चिट्ठी को ट्वीट की । वहीं महाराष्ट्र कैबिनेट के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि अनिल देशमुख पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियाद है। मलिक ने बताया कि देशमुख ने खुद ही इस पद से इस्तीफा दिया है। देशमुख ने कहा कि वह जांच चलने तक पद पर नहीं रहेंगे।
भाजापा ने इस्तीफे की मांग की थी
गृहमंत्री के इस्तीफे के बाद प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि वह खुश हैं कि देशमुख ने इस्तीफा दे दिया। साथ ही कहा कि सीबीआई जांच में चौंकाने वाले कई सारे खुलासे होंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल देशमुख से इस्तीफे की मांग की थी। फडणवीस ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद गृहमंत्री को जांच के दौरान तक इस्तीफा दे देना चाहिए।