फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानें कौन हैं रश्मि शुक्ला? फडणवीस का दावा, जिन्हें पता हैं अनिल देशमुख के सारे राज

Tue, 23 Mar 2021 02:40 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला - फोटो : social media
विज्ञापन

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी एक चिट्ठी में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर धन उगाही के आरोप लगाए, जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आ गया। वहीं अब परमबीर ने देशमुख के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और सभी आरोपों की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध किया है। पहले परमबीर सिंह ने देशमुख के खिलाफ याचिका में अपने ही बैच की आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला का जिक्र किया। वहीं मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि रशिम शुक्ला देशमुख के सारे राज जानती हैं। यहां जानें कौन हैं आईपीएस रश्मि शुक्ला, जो जानती हैं देशमुख के सारे राज...

विज्ञापन


परमबीर सिंह ने अपनी याचिका में कहा, रश्मि शुक्ला ने कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस बारे में पक्की जानकारी है कि टेलीफोन पर हुई बातचीत सुनने के बाद, तब स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट (एसआईडी) की कमिश्नर रहीं रश्मि शुक्ला ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनिल देशमुख की हरकतों की जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दी थी। उन्होंने यह बात महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताई। सिंह ने दावा किया कि देशमुख के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय रश्मि को पद से हटा दिया गया।

कहां हैं रश्मि शुक्ला की पोस्टिंग?
रश्मि शुक्ला और परमबीर सिंह दोनों वर्ष 1988 के आईपीएस बैच से हैं। फिलहाल, रश्मि शुक्ला सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) हैं। इससे पहले वे डीजी (सिविल डिफेंस) के पद पर थीं। स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट (एसआईडी) की कमिश्नर होने के दौरान उन्होंने अनिल देशमुख को लेकर शिकायत की थी। इससे पहले, वे पुणे पुलिस कमिश्नर का पद भी संभाल चुकी हैं।
विज्ञापन





 

विज्ञापन

ये अधिकारी भी लगा चुके देशमुख पर आरोप 

देशमुख के गृहमंत्री बनने के बाद परमबीर सिंह से पहले रश्मि शर्मा और मुंबई पुलिस आयुक्त रहे सुबोध जायसवाल (1985 बैच) ने आवाज उठाई थी। जायसवाल अब केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं। उन्हें पिछले साल दिसंबर में सीआईएसएफ का डीजी बनाया गया था। उन्होंने फर्जी स्टैंप घोटाला मामले में एसआईटी का चीफ रहते हुए मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर आरएस शर्मा को रिटायरमेंट से एक दिन पहले गिरफ्तार किया था। इस मामले में एनसीपी के ही छगन भुजबल (तत्कालीन गृहमंत्री) पर भी गाज गिरी थी। छगन भुजबल जेल गए और आज फिर से मंत्री हैं। अब मामला अनिल देशमुख और मुंबई पुलिस के बीच का है।    
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें