खेत में काम करते किसान (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
पुलिस के बारे में हम सभी के मन मे अलग-अलग धारणाएं होती हैं। हालांकि कई मौकों पर पुलिसवालों की दरियादिली ने लोगों का दिल जीतने का काम किया है। ऐसा ही एक उदाहरण महाराष्ट्र के बारामती में सामने आया। यहां एक पुलिस के एक फोन से किसान को उसकी 60 लाख रुपये की जमीन वापस मिल गई।
बारामती के पुलिस इंस्पेक्टर शिंदे ने शहर में अवैध साहूकारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पिछले हफ्ते पुणे में बड़े साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद लोगों का पुलिस में भरोसा बढ़ गया है। इंदापुर तालुका के तावशी गांव में रहने वाले एक किसान ने अपने निजी उपयोग के लिए बारामती गुणवडी गांव के साहूकार से पांच लाख रुपये दस फीसदी ब्याज पर उधार लिए थे।
साहूकार ने इसके बदले किसान की दो एकड़ जमीन अपने नाम कर ली थी। इस जमीन की कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। किसान हर महीने साहूकार को दस प्रतिशत ब्याज दे रहा था। पिछले छह साल मे किसान ने पांच लाख रुपये के बदले साहूकार को 29 लाख रुपये दिए थे।
इसके बावजूद साहूकार और पैसों की मांग कर रहा था और जमीन वापस नहीं कर रहा था। परेशान होकर किसान ने पुलिस में शिकायत करने के बारे में सोचा। किसान बारामती शहर पुलिस द्वारा साहूकार के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के बारे में जानते थे, इसलिए वे सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचे और इंस्पेक्टर नामदेव शिंदे से मिले।
पुलिस ने मामले की गंभीरत को समझा और इंस्पेक्टर शिंदे ने साहूकार को फोन करके कहा कि हम आपसे पूछताछ करना चाहते हैं। आप पुलिस स्टेशन आ जाएं। इस फोन ने किसान की तकदीर बदल दी। साहूकार ने किसान को न केवल जमीन वापस कर दी बल्कि खरीद के कागजात भी रद्द कर दिए।