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एनसीपी एसपी नेता जितेंद्र अव्हाड की मांग- बंजाराओं को भी मिले आरक्षण
उधर दूसरी ओर एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने मांग की है कि अगर महाराष्ट्र सरकार राज्य में हैदराबाद गजट लागू कर मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाणपत्र दे रही है, तो बंजारा समुदाय को भी उसी गजट के तहत अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा और आरक्षण दिया जाना चाहिए। आव्हाड ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं यह मांग लंबे समय से कर रहा हूं और इसके लिए सारे सबूत भी पेश किए गए हैं। अगर हैदराबाद गजट महाराष्ट्र में लागू हो रहा है, तो बंजाराओं को भी उसी आधार पर एसटी आरक्षण मिलना चाहिए।
बता दें कि बीते दो सितंबर को महाराष्ट्र सरकार ने हैदराबाद गजट को लागू करते हुए एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किया था। इसके तहत उन मराठाओं को कुनबी जाति प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जो यह साबित कर सकें कि उनके पूर्वजों को कुनबी माना गया था। इससे उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
मराठा आरक्षण की मांग और महाराष्ट्र में रार
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला उस समय लिया, जब मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे ने बीते 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की थी। उनके आंदोलन के चलते दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। इस दबाव के बीच, सरकार ने दो सितंबर को एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी कर कहा कि जिन मराठाओं के पास पुराने दस्तावेजों में खुद को कुनबी बताया गया है, उन्हें कुनबी जाति प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। हालांकि, सरकार के इस कदम से ओबीसी वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनके आरक्षण का हिस्सा कम हो जाएगा।