फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: बीएमसी की झुग्गी गोद लेने की योजना में घोटाले के आरोप, महाराष्ट्र सरकार ने ऑडिट के दिए आदेश

Tue, 09 Dec 2025 08:57 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र सरकार ने बीएमसी की झुग्गी गोद लेने की योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद ऑडिट का आदेश दिया। भाजपा विधायक अमित सताम ने एनजीओ पर नियमों के उल्लंघन और फंड के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए।
विज्ञापन
बीएमसी मुख्यालय - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की झुग्गी गोद लेने की योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना का विस्तृत ऑडिट कराने की घोषणा की है। शहरी विकास राज्य मंत्री मधुरी मिस्ताल ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

विज्ञापन


यह फैसला भाजपा विधायक और पार्टी के मुंबई अध्यक्ष अमित सताम की मांग के बाद लिया गया, जिन्होंने आरोप लगाया कि योजना के तहत नियुक्त कई गैर-सरकारी संगठन तय मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।

NGOs पर नियमों के उल्लंघन और स्टाफिंग में गड़बड़ी के आरोप
सताम ने कहा कि अधिकतर एनजीओ निर्धारित संख्या से काफी कम कर्मचारी नियुक्त करते हैं। जहां एक यूनिट के लिए 15 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है, वहां सिर्फ 5 से 10 लोग ही काम करते हैं। उन्होंने कहा कर्मचारी कम होने से झुग्गी इलाकों में कचरा ठीक से नहीं उठता, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का ढेर लग जाता है। इससे साफ झलकता है कि योजना के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। सताम ने बीएमसी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया और पूरे मामले को स्कैम बताया।
विज्ञापन


कचरा संग्रहण में लापरवाही का आरोप
विधायक ने बताया कि झुग्गी क्षेत्रों में घरों में कचरा संग्रहण की जगह न होने के कारण दिन में दो बार कचरा उठाया जाना चाहिए, लेकिन यह व्यवस्था भी सही तरीके से लागू नहीं होती। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि जरूरत पड़े तो जनसंख्या मानक 750 से घटाकर 500 किया जा सकता है और कर्मचारियों की मजदूरी बढ़ाकर स्टाफ की संख्या सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सरकार ने लिया संज्ञान, ऑडिट की घोषणा
शहरी विकास मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार आरोपों को गंभीरता से ले रही है और झुग्गी गोद लेने की योजना की पूरी प्रक्रिया का ऑडिट किया जाएगा। इसमें एनजीओ की नियुक्ति, फंड उपयोग और कार्य व्यवस्था की पूरी जांच शामिल होगी। सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और झुग्गी बस्तियों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था सुधार सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें