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Maharashtra: पुणे में देर रात तक चल रही पार्टी पर पुलिस का छापा, 150 से अधिक लोग हिरासत में

Sun, 07 Jun 2026 03:29 PM IST
नितिन गौतम अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र के पुणे में तुलापुर गांव में देर रात तक चल रही पार्टी पर रविवार तड़के पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में गांजा, प्रतिबंधित हुक्का और अवैध शराब जब्त की गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि लोनीकंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत इस पार्टी में जमकर नशा किया जा रहा है।
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डिप्टी कमिश्नर (क्राइम) गौहर हसन ने बताया कि तड़के करीब 2:30 बजे 15 अधिकारियों और 65 कांस्टेबलों की टीम ने वहां छापा मारा। मौके पर 156 लोग मौजूद थे, इनमें 107 पुरुष और 49 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से तीन की उम्र 21 साल से कम थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 ग्राम गांजा, प्रतिबंधित हुक्के के 10 फ्लेवर और करीब 9.22 लाख रुपये की शराब जब्त की। पार्टी के लिए ली गई शराब की अनुमति केवल शनिवार रात 11:30 बजे तक ही वैध थी, लेकिन पार्टी इसके बाद भी जारी रही। कुल बरामद किए गए सामान की कीमत लगभग 85 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मुख्य आयोजकों की पहचान ब्लेज एंटरटेनमेंट के ऐमन शेख और स्टार लाइट एंटरटेनमेंट के यश चौधरी के रूप में हुई है।

नागपुर: पिकनिक के दौरान नदी में डूबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार को एक परिवार का पिकनिक मातम में बदल गया। कन्हान नदी के किनारे घूमने आए एक ही परिवार के तीन सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। घटना तब हुई जब छह वर्षीय चैतन्य अंबाडे का पैर फिसलने से वह नदी में गिर गया। उसे बचाने के लिए उसके चचेरे भाई गौतम अंबाडे (30) ने पानी में छलांग लगाई, लेकिन तेज बहाव के कारण वह भी फंस गया। इसके बाद परिवार के दामाद रोहित नागदेवते ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी डूब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और कामठी छावनी के सेना के जवानों ने संयुक्त बचाव अभियान चलाकर तीनों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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महाराष्ट्र में मराठा छात्रों को अब ओबीसी के समान मिलेंगे शैक्षणिक लाभ, सरकार ने जारी किया आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब मराठा समुदाय के छात्रों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की तरह ही सभी शैक्षणिक सुविधाएं और लाभ मिलेंगे। सरकार ने शुक्रवार को इस संबंध में एक आधिकारिक प्रस्ताव जारी किया। यह फैसला मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के अनशन खत्म करने के बाद लिया गया है। सरकार ने उन्हें 12 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा था। नए आदेश के अनुसार, ओबीसी छात्रों को मिलने वाली पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप अब मराठा छात्रों को भी मिलेगी। इसके साथ ही प्राइमरी, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा की सभी छात्रवृत्तियां मराठा छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी।

आईटीआई और निजी संस्थानों में व्यावसायिक प्रशिक्षण की फीस वापसी का लाभ भी अब मराठा छात्रों को मिलेगा। मोटर वाहन चालक और कंडक्टर प्रशिक्षण योजना को सारथी पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाएगा। दूसरे राज्यों में प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों को भी ये सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, 16 अन्य शैक्षणिक खर्चों की भरपाई की योजना भी मराठा छात्रों तक बढ़ाई गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ओबीसी श्रेणी के लिए आने वाली कोई भी नई सुविधा मराठा समुदाय पर अपने आप लागू हो जाएगी। ये सभी प्रावधान शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से प्रभावी होंगे। विभागों को इसके लिए बजट का इंतजाम करने और महाडीबीटी पोर्टल में तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट की एक उप-समिति इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी। मनोज जरांगे ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मंजूरी दे दी है।
 

नवी मुंबई की रिहायशी इमारत में लगी आग, एक बच्चे समेत चार लोग झुलसे
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से चार लोग घायल हो गए। यह हादसा शनिवार शाम को घनसोली इलाके के सेक्टर 21 में स्थित कुबेर अपार्टमेंट में हुआ। नवी मुंबई नगर निगम के आपदा प्रबंधन सेल को रात करीब 8:51 बजे इस घटना की जानकारी मिली। आग की सूचना मिलते ही ऐरोली, कोपरखैरने और वाशी से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने इमारत में फंसे 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। इन लोगों को शरीर जलने और सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल ले जाया गया। तीन घायलों का इलाज कोपरखैरने के बेसिल अस्पताल में चल रहा है। दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल अधिकारी आग लगने की असली वजह का पता लगा रहे हैं।
 

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के घर की सुरक्षा बढ़ी, पुलिस बल तैनात
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने रविवार को उनके आवास पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। दिपके शनिवार को ही अमेरिका से भारत लौटे हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। अभिजीत दिपके और उनकी पार्टी नीट (NEET), सीबीएसई (CBSE), सीयूईटी (CUET) और एसएससी (SSC) जैसी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने इन अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। सीजेपी युवाओं का एक ऑनलाइन आंदोलन है। यह संगठन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

रविवार सुबह जब दिपके अपने घर पहुंचे, तो उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। एमआईडीसी वालुज पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि उनके घर पर पहले 11 सुरक्षाकर्मी तैनात थे। अब सुरक्षा बढ़ाकर 15 पुलिसकर्मी कर दी गई है। इस सुरक्षा दल में स्थानीय पुलिस स्टेशन और सिटी पुलिस मुख्यालय के जवान शामिल हैं। पुलिस प्रशासन दिपके की गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

प्याज खरीद के नियमों में ढील से किसान नाखुश, क्या है वजह?
महाराष्ट्र के प्याज किसानों ने केंद्र सरकार के नए नियमों का स्वागत तो किया है, लेकिन वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। केंद्र सरकार ने प्याज की खरीद के लिए आकार और गुणवत्ता के नियमों में ढील दी है। अब 35 से 70 मिलीमीटर तक के प्याज खरीदे जा सकेंगे। पहले यह सीमा 45 से 65 मिलीमीटर थी। इसके अलावा रंग में बदलाव और मामूली दाग वाले प्याज को भी अब सरकारी एजेंसियां स्वीकार करेंगी। किसान नेताओं का कहना है कि असली समस्या नियमों की नहीं, बल्कि कम कीमत की है। नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी एजेंसियां करीब 1580 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीद रही हैं। किसानों के मुताबिक, प्याज उगाने की औसत लागत ही 1800 रुपये प्रति क्विंटल आती है। ऐसे में किसान 3000 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लागत से कम दाम पर प्याज बेचना उन्हें कर्ज में डुबो रहा है।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने मांग की है कि खरीद प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खरीद का काम कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) के माध्यम से हो ताकि गड़बड़ी न हो। साथ ही, पिछले चार-पांच महीनों में कम दाम पर प्याज बेचने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी देने की भी मांग की गई है। राज्य सरकार ने एजेंसियों के लिए मंडी शुल्क माफ कर दिया है, लेकिन किसानों का कहना है कि इसका फायदा उन्हें तभी मिलेगा जब खरीद की कीमतें बढ़ेंगी।

मुंबई एयरपोर्ट पर दुर्लभ जानवरों की तस्करी नाकाम
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग (कस्टम) ने एक भारतीय यात्री को पकड़ा है। यह यात्री बैंकॉक से लौट रहा था और अपने साथ 29 दुर्लभ जंगली जानवर लेकर आया था। पकड़े गए जानवरों में गिब्बन, काली गिलहरी (मेलानिस्टिक स्क्विरेल), बॉल पायथन और इगुआना जैसे विदेशी जीव शामिल हैं।

यात्री को रोकने के बाद वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, वन विभाग और रॉ (RAWW) के विशेषज्ञों की एक बचाव टीम बुलाई गई। इन विशेषज्ञों ने जानवरों की पहचान की और उनकी सेहत की जांच कर उन्हें सुरक्षित किया। अधिकारियों ने बताया कि इन जानवरों को वापस उसी देश भेजा जाएगा जहां से इनकी तस्करी की गई थी। यह कार्रवाई नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नियमों के तहत की जा रही है। फिलहाल अधिकारी इस तस्करी के पीछे के नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं।

ठाणे में सब्जी विक्रेता की पिटाई, वीडियो वायरल
ठाणे शहर के जांभली नाका इलाके में एक प्रवासी सब्जी विक्रेता की पिटाई का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता सब्जी वाले को पीटते दिख रहे हैं। आरोप है कि इस व्यक्ति ने वहां काम करने वाली एक महाराष्ट्रीयन महिला विक्रेता को परेशान किया था और उसके साथ बदसलूकी की थी।

जब कार्यकर्ताओं को इस कथित उत्पीड़न की जानकारी मिली, तो उन्होंने शनिवार को उस व्यक्ति को पकड़ा और उसके साथ मारपीट की। ठाणे नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस फिलहाल वीडियो के आधार पर मामले की सच्चाई का पता लगा रही
 
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पश्चिम बंगाल की एक महिला ने महाराष्ट्र के नागपुर की ओल्ड कामठी स्थित हुजूर मरियम अम्मा दरगाह पर बंधक बनाने, छेड़छाड़ करने और जबरन धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगाया। महिला की शिकायत पर नागपुर ग्रामीण पुलिस ने दरगाह के मुख्य संरक्षक सहित छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। 

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोहारे ने शनिवार को बताया कि जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। छह आरोपियों की पहचान ताजी जानवीरूद्दीन, ताजी मुस्तफाफिरूद्दीन फैज, तेजस खोब्रागड़े, बशरा फातेमा ताजी, मल्ला धुले और एक अन्य शख्स के तौर पर की गई। एसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला कोलकाता की रहने वाली है। उसने आरोप लगाया है कि वह 18 अप्रैल को सालाना उर्स समारोह के लिए दरगाह पहुंची थी। इस बीच उसे बंधक बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। इतना ही नहीं विरोध करने पर उसे गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी के साथ ही शारीरिक व मानसिक तौर से प्रताड़ित किया गया। किसी तरह पीड़िता भागकर कोलकाता पहुंची। उसकी शिकायत पर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की। 
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