महाराष्ट्र के पुणे जिले में कथित रूप से अवैध गर्भपात कराने के मामले में पुलिस ने एक स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला डॉक्टर की तलाश जारी है। दौंड उप-जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन गुजर की शिकायत पर यवत पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गिरफ्तार डॉक्टर की पहचान उरुली कांचन निवासी डॉ. तुकाराम मोटे के रूप में हुई है। वहीं, केडगांव में प्रसूति एवं बांझपन अस्पताल संचालित करने वाली बीएचएमएस चिकित्सक डॉ. स्वाती लवांगरे फरार हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 6 जून को जिला स्तरीय जांच दल ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान गर्भसमापन से जुड़े रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही अस्पताल से आठ एमटीपी किट भी जब्त की गईं।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल एक पंजीकृत एमटीपी केंद्र है, लेकिन आरोप है कि गर्भपात की प्रक्रियाएं डॉ. स्वाती लवांगरे द्वारा की जा रही थीं, जबकि उन्हें गर्भसमापन कराने का कानूनी अधिकार नहीं है। आरोप है कि डॉ. तुकाराम मोटे संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर प्रक्रियाओं को वैधता प्रदान कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।