राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने मुंबई के दक्षिण क्षेत्र के जवेरी बाजार में सोना तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने एक गुप्त सोना गलाने वाली यूनिट पर छापा मारकर 5.8 किलो तस्करी का सोना जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 9.22 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान सिंडिकेट से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह ऑपरेशन खास खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया। निगरानी के दौरान डीआरआई टीम ने दो लोगों को रोका और उनके पास से 5.8 किलो सोना बरामद किया। जांच में सामने आया कि सोना मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के जरिए वैक्स कैप्सूल के रूप में तस्करी कर लाया गया था। इसके लिए यात्रियों की मदद ली जाती थी। आगे की तलाशी में जुड़े मेल्टिंग सेंटर से रिकॉर्ड बुक, लेनदेन का हिसाब, सोना गलाने और ढलाई के उपकरण, डिलीवरी के लिए इस्तेमाल टोकन के रूप में रखी नकदी और विदेशी मार्किंग वाली सिल्लियां बनाने के सांचे भी बरामद किए गए। दोनों आरोपियों पर कस्टम्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
अजित पवार विमान हादसे पर रोहित पवार ने उठाए कई सवाल
एनसीपी-एससीपी नेता रोहित पवार ने अजित पवार से जुड़े विमान हादसे को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तृत प्रस्तुति के साथ तकनीकी और तथ्य आधारित बिंदु रखे हैं। ये केवल आरोप नहीं बल्कि दस्तावेजी आधार वाले प्रश्न हैं। रोहित पवार ने कहा कि इस हादसे में उन्होंने अपने चाचा को खोया है और महाराष्ट्र ने एक नेता खोया है। इसलिए हर संदेह का जवाब मिलना जरूरी है। उन्होंने सरकार और राज्य व केंद्रीय जांच एजेंसियों से सकारात्मक और पारदर्शी जवाब की उम्मीद जताई है।
सीपीसीबी का सख्त आदेश, परली थर्मल पावर स्टेशन की दो यूनिट तुरंत बंद करने को कहा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी ने महाराष्ट्र के बीड जिले स्थित परली थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट 6 और 8 का संचालन तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश प्रदूषण मानकों का पालन नहीं करने के मामले में जारी किया गया है। सीपीसीबी ने इस संबंध में 5 फरवरी को महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजा है। पत्र के अनुसार प्लांट को पहले भी उत्सर्जन और अपशिष्ट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने का नोटिस दिया गया था। वर्ष 2018 के निरीक्षण में यूनिट 6 और 8 से पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन तय सीमा से काफी ज्यादा पाया गया था और बिना वैध अनुमति के संचालन भी सामने आया था।
मुंधवा जमीन सौदा केस में शीतल तेजवानी की जमानत अर्जी खारिज
पुणे की अदालत ने मुंधवा जमीन सौदा मामले में आरोपी शीतल तेजवानी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी वी वाघ ने आदेश में कहा कि प्रथम नजर में आरोपी की भूमिका सामने आती है और यह एक बड़ा घोटाला प्रतीत होता है। आरोप है कि तेजवानी ने पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के रूप में सरकारी जमीन के 40 एकड़ भूखंड को अमाडेआ एंटरप्राइजेज एलएलपी को 300 करोड़ रुपये में बेच दिया। यह फर्म पार्थ पवार की सह-मालिकाना वाली बताई गई है। बिक्री के समय 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी माफ किए जाने और जमीन के सरकारी होने के बावजूद सौदा करने पर सवाल उठे। अभियोजन ने कहा कि जमीन की वास्तविक कीमत करीब 1800 करोड़ रुपये थी और दस्तावेज मृत व्यक्तियों के नाम पर भी बनाए गए। दो सह-आरोपी अभी फरार हैं। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर जमानत देना गलत सहानुभूति होगी और जांच प्रभावित हो सकती है। बचाव पक्ष ने इसे सिविल विवाद बताया था, लेकिन अदालत ने तर्क खारिज कर दिया।