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Updates: सुप्रिया सुले बोलीं- इस साल दिवाली नहीं मनाएगा पवार परिवार; पूजा खेडकर के पिता को मिली अग्रिम जमानत

Thu, 16 Oct 2025 12:24 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को नासिक के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्तालय के एक अधीक्षक को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। सीबीआई के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने एक निजी कंपनी से जुड़े आईजीएसटी इनपुट मामले में कार्रवाई न करने के बदले 50 लाख रुपये की अवैध मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 22 लाख रुपये कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को 14 अक्तूबर को पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये और 17 अक्तूबर को शेष 17 लाख रुपये देने के लिए कहा था। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को कार्यालय के बाहर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार कर लिया। छापे के दौरान सीबीआई ने आरोपी के घर और कार्यालय से करीब 19 लाख रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुणे की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 17 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई मामले की आगे जांच कर रही है।

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48 साल बाद हत्या के प्रयास के आरोपी को मुंबई पुलिस ने दबोचा
मुंबई पुलिस ने 48 साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में 71 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी चंद्रशेखर कालेकर 1977 से फरार था और रत्नागिरी जिले के एक तटीय गांव में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

पुलिस ने बताया कि कालेकर पर 1977 में मुंबई के लालबाग क्षेत्र में एक महिला पर चाकू से हमला करने का आरोप है। घटना के बाद वह फरार हो गया था। उसके बाद से वह अपनी पहचान बदलते हुए मुंबई के अलग-अलग उपनगरों और ठाणे जिले के बदलापुर इलाके में रहता रहा।  बाद में वह रत्नागिरी जिले के दापोली तालुका के एक छोटे से गांव में बस गया, जहां वह अकेलेपन की जिंदगी गुजार रहा था। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस की उसपर दोबारा नजर तब पड़ी जब पुराने अपराधियों के लंबित मामलों की समीक्षा शुरू की गई। ऐसे में कालेकर का मामला फिर से सामने आया। पुलिस ने उसकी तलाश दोबारा शुरू की और मतदाता सूची, स्थानीय रिकॉर्ड और मानव खुफिया नेटवर्क की मदद से उसका सुराग निकाला। अधिकारियों ने बताया कि दापोली में मंगलवार सुबह छापेमारी के दौरान कालेकर को गिरफ्तार किया गया। उसे मुंबई लाया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 बिजली विभाग की लापरवाही से किशोर की मौत, अभियंता और कर्मचारी पर केस दर्ज
 भांडुप इलाके में करंट लगने से 17 वर्षीय युवक की मौत के मामले में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के एक सहायक अभियंता और एक कर्मचारी के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह हादसा 19 अगस्त को लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर हुआ था, जब दीपक पिल्लई नामक किशोर बारिश के पानी से भरी सड़क पर चल रहा था और खुले बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में सामने आया कि एमएसईडीसीएल के सहायक अभियंता ने क्षेत्र में बिजली के तारों का निरीक्षण और रखरखाव करने में लापरवाही बरती, जिससे यह हादसा हुआ। स्थानीय निवासियों ने पहले ही विभाग को खुले तार के बारे में सूचित किया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304(ए) (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनने) के तहत मामला दर्ज किया है। घटना की आगे जांच जारी है।

पवार परिवार इस साल नहीं मनाएगा दिवाली,सुप्रिया सुले ने बताई वजह

एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने गुरुवार को कहा कि पवार परिवार ने इस साल दिवाली का त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया है। लोकसभा सदस्य ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "हमारी चाची भारती प्रतापराव पवार का हाल ही में निधन हो गया। वह हम सभी के लिए माँ जैसी थीं। इसलिए, हम, पूरे पवार परिवार ने सामूहिक रूप से इस साल दिवाली नहीं मनाने का फैसला किया है।"

एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले ने कहा कि पुणे के बारामती इलाके के गोविंदबाग में दिवाली पड़वा के अवसर पर होने वाला वार्षिक दिवाली समारोह और रिश्तेदारों से मिलने का कार्यक्रम भी इस साल नहीं होगा। शरद पवार के छोटे भाई प्रतापराव पवार की पत्नी भारती पवार (77) का इस साल मार्च में निधन हो गया था।

ठाणे: 6 लाख एटीएम कलेक्शन धोखाधड़ी में 4 कर्मचारियों पर मामला दर्ज

खबर ठाणे से है, जहां एटीएम कलेक्शन के दौरान कथित तौर पर 6.18 लाख रुपए की हेराफेरी करने के आरोप में पुलिस ने एक कैश मैनेजमेंट कंपनी के चार कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों - एक कैशियर, दो सुरक्षा गार्ड और एक ड्राइवर को विभिन्न बैंकों के एटीएम से शेष नकदी एकत्र करके कंपनी के वॉल्ट में जमा करने का काम सौंपा गया था। 13 अक्टूबर को उन्होंने विभिन्न एटीएम से 70,54,100 रुपए एकत्र किए, लेकिन केवल 64,35,200 रुपए ही जमा किए।

कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि कंपनी के ऑडिट में 6,18,900 रुपए की कमी सामने आई, जिसके बाद कैश मैनेजमेंट कंपनी के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर बेहिसाब नकदी को निजी इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल किया।

पूजा खेडकर के पिता को मिली अग्रिम जमानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व आईएएस प्रशिक्षु पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर को अग्रिम जमानत दे दी। उन पर पिछले महीने रोड रेज की घटना के बाद एक ट्रक क्लीनर का अपहरण करने का आरोप है। न्यायमूर्ति एन.आर. बोरकर की पीठ ने अग्रिम जमानत देते हुए दिलीप खेडकर को निर्देश दिया कि वह छह हफ्ते के भीतर क्लीनर प्रह्लाद कुमार को चार लाख रुपये दें और पुलिस कल्याण कोष में एक लाख रुपये जमा करें। नवी मुंबई सत्र न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद खेडकर ने हाईकोर्ट का रुख किया था।

नवी मुंबई के मुलुंड-ऐरोली रोड पर 13 सितंबर को हुई कथित घटना के बाद से वह फरार हैं। एफआईआर के अनुसार, एक सीमेंट मिक्सर ट्रक ने दिलीप खेडकर की एसयूवी को टक्कर मार दी, जिसके बाद उनका और उनके ड्राइवर-सह-अंगरक्षक प्रफुल सालुंखे का ट्रक ड्राइवर चंद्रकुमार चव्हाण और क्लीनर प्रह्लाद कुमार से झगड़ा हुआ। खेडकर और सालुंखे ने कथित तौर पर कुमार को यह कहकर अपनी गाड़ी में जबरन बिठा लिया कि वे उसे पुलिस स्टेशन ले जा रहे हैं। ट्रक ड्राइवर द्वारा बार-बार किए गए कॉल का जवाब न देने पर ट्रक मालिक विलास धेरंग ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, कुमार को खेडकर ने कथित तौर पर पुणे स्थित अपने बंगले में हिरासत में लिया था और अगले दिन पुलिस ने उन्हें छुड़ा लिया। पुलिस ने सालुंखे को गिरफ्तार कर लिया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
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महाराष्ट्र: मीठी नदी घोटाले में आरोपी केतन कदम को जमानत नहीं
मुंबई की एक अदालत ने मीठी नदी से गाद निकालने के 65 करोड़ रुपये के ठेका घोटाले में बिचौलिए और कंपनी के सीईओ केतन कदम को फिर से जमानत देने से इनकार कर दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एनजी शुक्ला ने मंगलवार को कदम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनका इस अपराध में सीधा हाथ है। अदालत ने कदम को साजिश का मास्टरमाइंड बताया। दूसरी बार सत्र अदालत ने कदम को जमानत देने से मना किया। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने से आरोपी के खिलाफ आरोप और मजबूत हुए हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कदम पर बीएमसी अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ साजिश रचने का आरोप है, जिसके तहत ठेकेदारों को उन्हीं की फर्म से मशीनें किराए पर लेने के लिए मजबूर किया गया। अदालत ने कहा कि कदम प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत मिलने पर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
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