महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक विधायक को ब्लैकमेल कर उनसे जबरन वसूली करने के आरोप में 26 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। ठाणे शहर की पुलिस ने रविवार को आरोपी मोहन ज्योतिबा पवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(3) (जबरन वसूली) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (वागले एस्टेट) प्रशांत कदम ने यह जानकारी दी।
बताया गया है कि पुलिस ने पहले एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच के बाद पवार पर ध्यान केंद्रित किया और उसे कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर एक महिला बनकर विधायक को अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों सहित कई चैट संदेश भेजे, उन्हें ब्लैकमेल किया और 5-10 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने बताया कि एक जांच दल ने तकनीकी जानकारी और अपराधी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की और पाया कि वह कोल्हापुर का रहने वाला है।
अधिकारी ने बताया कि विश्वसनीयता स्थापित करने और विधायक को यह विश्वास दिलाने के लिए कि वह एक महिला के साथ बातचीत कर रहा था, आरोपी ने विधायक को अपनी बहन के आधार कार्ड की तस्वीर भेजी। उन्होंने कहा, "इसमें केवल एक ही व्यक्ति शामिल था और न तो आरोपी की बहन और न ही कोई अन्य महिला अपराध में शामिल थी।" उन्होंने आगे बताया कि पवार की विधायक से जान-पहचान कोल्हापुर में उनके निर्वाचन क्षेत्र में रहने के दौरान हुई थी।
नागपुर में रेलवे सुरक्षा बल ने करोड़ों रुपये की सोना और चांदी जब्त की
नागपुर में रेलवे सुरक्षा बल ने बिलासपुर–इटवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस में विशेष जांच अभियान के दौरान 3.37 करोड़ रुपये की सोना और चांदी जब्त की है। डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर दीप चंद्र आर्या के निर्देशन में गठित विशेष टास्क फोर्स ने दिवाली और बिहार चुनाव के दौरान कीमती सामान, पटाखे और नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए यह कार्रवाई की।
11 अक्तूबर को आरपीएफ अधिकारियों ने गोंदिया के 55 वर्षीय नरेश पंजवानी को रोककर जांच की तो उनके पास से 2.68 किलोग्राम सोने के आभूषण और 7.44 किलोग्राम चांदी बरामद हुई। इनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। जब्त की गई सोना-चांदी और आरोपी को आगे की जांच के लिए नागपुर के राजस्व जांच निदेशालय (DRI) को सौंप दिया गया है।