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महाराष्ट्र में सरकार बनाने पर गतिरोध जारी, फडणवीस ने भागवत से की मुलाकात

Wed, 06 Nov 2019 12:28 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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राज्यपाल से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते संजय राउत - फोटो : PTI
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मुंबई से दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों के बावजूद महाराष्ट्र में अभी तक सरकार के गठन पर सस्पेंस बना हुआ है। लगातार बैठकों और मंथन का दौर जारी है।  महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर शिवसेना और भाजपा में चल रही रस्साकशी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार रात नागपुर जा कर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।

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फडणवीस रात 9.25 बजे नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पहुंचे और डेढ़ घंटे बाद वह वहां से रवाना हो गए। बैठक में क्या कुछ हुआ, उस बारे में संघ के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन ये कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मुलाकात 21 अक्टूबर के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध पर विचार विमर्श करने के लिये थी।


इससे पहले  राज्यपाल से मिलने एनसीपी और कांग्रेस के नेता राजभवन पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में एनसीपी नेता अजीत पवार, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण सहित कई नेता शामिल थे।
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मुलाकात के बाद एनसीपी नेता अजीत ने कहा कि हमने राज्यपाल से हाल ही में हुई बारिश से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। हमने बताया कि सांगली और कोल्हापुर के किसानों तक अबतक मदद नहीं पहुंची है। 
 

शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से ही होगा। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति बदल रही है और न्याय की खातिर लड़ाई में उनकी पार्टी की ही जीत होगी। उन्होंने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि महाराष्ट्र के बारे में फैसला महाराष्ट्र में ही लिया जाएगा, मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा। 



शिवसेना के एनसीपी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की खबरों के बीच राउत ने कहा कि शरद पवार राज्य के अगले मुख्यमंत्री नहीं होंगे। मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान के चलते अब तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो पाया है।

राउत ने दुष्यंत कुमार की कविता के जरिए भाजपा पर तंज कसा। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में कोई प्रदूषण नहीं है। सिर्फ हंगामा खड़ा करना हमारा मकसद नहीं है। राउत ने साफ कहा कि महाराष्ट्र का निर्णय महाराष्ट्र में ही होगा। राउत ने दुष्यंत की कविता शेयर की और लिखा कि सिर्फ सियासी हालात पर हंगामा नहीं कर रहे हैं। हम महाराष्ट्र की सूरत बदलना चाहते हैं।

 


एनसीपी के समर्थन से शिवसेना बनाएगी सरकार

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा और शिवसेना की तरफ से तमाम कोशिशें जारी है। वहीं, दूसरी तरफ खबर आ रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं और कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन करेगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एनसीपी के एक नेता के हवाले से लिखा है एनसीपी शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार है, वहीं  कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन देगी और कांग्रेस विधायक को विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। एनसीपी नेता ने कहा कि यह सब कुछ शिवसेना का भाजपा के साथ अपने गठबंधन को समाप्त करने पर निर्भर करेगा।

एनसीपी नेता ने कहा कि हमने 1995 में भाजपा-शिवसेना द्वारा अपनाए गए फॉर्मूले को प्रस्तावित किया है। जिसमें शिवसेना का सीएम पद था, जबकि भाजपा को उप-मुख्यमंत्री पद दिया गया था। हमने कहा है कि शिवसेना की तरफ से नामित व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद दिया जाएगा और एनसीपी के नामित व्यक्ति को उप-मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। 

 

भविष्य में बारे में नहीं जानते, कब, क्या हो सकता है?' : शरद पवार

वहीं, सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शरद पवार ने सोमवार को कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह अपने सहयोगी शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाए क्योंकि उनके पास सरकार बनाने के लिए बहुमत है। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि 'जैसा कि हम जानते है कि एनसीपी को जनता ने विपक्ष में बैठने के लिए जनादेश दिया है, लेकिन आप भविष्य के बारे में नहीं जानते कि कब, क्या हो सकता है?' 

आदित्य ठाकरे के समर्थन में लगे पोस्टर

वहीं, दूसरी ओर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के समर्थन में पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। आदित्य ठाकरे की तस्वीर वाला एक पोस्टर, जिस पर 'माई एमएलए माई चीफ मिनिस्टर' यानि 'मेरा विधायक मेरा मुख्यमंत्री' लिखा हुआ है, मुंबई में मातोश्री (ठाकरे निवास) के बाहर लगा हुआ है। पोस्टर को कथित तौर पर शिवसेना के नगरसेवक हाजी हलीम खान ने लगाया है।

 

अल्पमत सरकार बना सकती है भाजपा

वहीं अगर सियासी गुत्थी न सुलझी तो भाजपा पहले की तरह सूबे में अल्पमत सरकार बना सकती है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी शिवसेना को पहले से अधिक मंत्री पद के साथ जैसे अहम मंत्रालय देने के लिए राजी है। लेकिन पार्टी चाहती है कि बातचीत की पेशकश शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से आए।

शिवसेना के 25 विधायक फडणवीस के संपर्क में

निर्दलीय विधायक रवि राणा ने सोमवार को सांसद पत्नी नवनीत कौर राणा के साथ राज्यपाल से मुलाकात के बाद दावा किया कि शिवसेना के करीब 25 विधायक सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, ‘फडणवीस का मुख्यमंत्री बनना तय है क्योंकि शिवसेना के 20 से 25 विधायक सीधे उनसे बात कर रहे हैं। फडणवीस ने पांच साल में अच्छा काम किया है, इसलिए लोग उन्हें फिर इस पद पर देखना चाहते हैं।’

एनसीपी और कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से करेगा मुलाकात
एनसीपी और कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट शामिल होंगे। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य में कृषि क्षेत्र की परेशानियों और राज्य में जारी सियासी समस्या को लेकर राज्यपाल से चर्चा करेगा। 

 



 
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वहीं, शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया कि फडणवीस सोमवार को जब दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद संवाददाताओं के सामने अपनी बातें रख रहे थे, तो उस वक्त उनके पास इस पर बोलने को ज्यादा कुछ नहीं था।

सामना में उन्हें आउटगोइंग सीएम कहा गया है। सामना में लिखा गया है- आउटगोइंग मुख्यमंत्री, जो प्रदूषित दिल्ली से महाराष्ट्र वापस आ गए हैं, उन्हें अगला कदम उठाना होगा। उनका अगला कदम ही सबकुछ तय करेगा। 

 
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