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NCP: एनसीपी में सब ठीक नहीं है? कार्यकारिणी सूची से दिग्गजों के नाम गायब होने से राजनीतिक उथल-पुथल

Tue, 12 May 2026 03:49 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में एनसीपी पार्टी ने चुनाव आयोग को जो अपनी कार्यकारिणी की सूची भेजी थी, उसे लेकर हंगामा हो गया है। दरअसल उस सूची में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम गायब थे। हालांकि हंगामा होने पर अब पार्टी ने इसे लिपिकीय गलती बताकर सुधारने की बात कही है। हालांकि इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। 
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उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार गुट) में अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची जारी कर दी है, लेकिन इसके जारी होने के बाद से राजनीतिक भ्रम फैल गया है। भारत निर्वाचन आयोग को सौंपे गए दस्तावेज ने पूरे महाराष्ट्र में चर्चाओं को तेज कर दिया है। दरअसल ऐसा लग रहा है कि इसमें पवार परिवार की अगली पीढ़ी के पक्ष में अनुभवी दिग्गजों को दरकिनार कर दिया गया है।
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कार्यकारिणी सूची से गायब हुए वरिष्ठ नेताओं के नाम
जब 29 अप्रैल की तारीख वाली कार्यकारिणी सूची से प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और दिलीप पाटिल जैसे दिग्गजों के नाम गायब दिखे, तो लोगों में असमंजस और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। नई बनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में, सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, उनके बड़े बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और छोटे बेटे जय पवार को राष्ट्रीय सचिव के तौर पर शामिल किया गया है। सुनील तटकरे पहले राष्ट्रीय महासचिव के पद पर थे, और प्रफुल्ल पटेल एक भरोसेमंद दिग्गज हैं। इनकी गैरमौजूदगी से तुरंत ही पार्टी के अंदर किसी संभावित 'सफाई अभियान' या किसी बड़ी रणनीतिक फेरबदल की अटकलें लगने लगीं।

पार्टी ने लिपिकीय गलती बताया
जैसे ही यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई, सुनेत्रा पवार ने विवाद को शांत करने के लिए तुरंत कदम उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि ये गलतियां जानबूझकर नहीं की गई थीं। उन्होंने कहा कि मीडिया में अभी जो एनसीपी पदाधिकारियों की सूची चल रही है, उसमें एक तकनीकी गड़बड़ी है। इसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इन 'तकनीकी और लिपिकीय गलतियों' को सुधारने के लिए उसी दिन निर्वाचन आयोग को एक और पत्र भेजा गया था।
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इस सफाई के बावजूद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संकेत हैं, पार्टी युवा चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल किया गया है और उन्हें राज्यसभा में एनसीपी नेता का पद दिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर उनका कोई जिक्र नहीं है। सुनील तटकरे को लोकसभा में एनसीपी नेता का पद दिया गया है, लेकिन महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष के तौर पर उनका कोई जिक्र नहीं है। अब वह राष्ट्रीय महासचिव नहीं रहे। इस लिस्ट में अनुभवी मंत्री छगन भुजबल और वरिष्ठ विधायक दिलीप वलसे पाटिल भी शामिल हैं, लेकिन उन्हें कोई आधिकारिक पद नहीं दिया गया है।

कार्यकारिणी सूची में किन्हें दी गई जगह
राज्य परिषद के सदस्य शिवाजीराव गर्जे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्थ पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते को महासचिव की भूमिका सौंपी गई है, जबकि जय पवार को राष्ट्रीय सचिव, अनुशासन समिति का अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इनके अलावा, पूर्व कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के तौर पर जगह मिली है। कोकाटे को ऊपरी सदन में ताश खेलने को लेकर हुए विवाद के चलते इस्तीफा देना पड़ा था। इसके अतिरिक्त, पार्टी के विधायक चेतन तुपे, शेखर निकम, सना मलिक और सरोज अहिरे भी सदस्य हैं।

अन्य सदस्यों में पूर्व महासचिव अविनाश आदिक शामिल हैं, जिन्हें पदावनत करके राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है; साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) धीरज शर्मा और विधायक और अरुणाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष टोको तातुंग भी इस लिस्ट में हैं।राष्ट्रीय सचिव संजय प्रजापति, राणा रणवीर सिंह, रमन प्रीत सिंह, धनंजय शर्मा और अभिषेक बोके को भी राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। संयोग से, पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव को न तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी में और न ही राष्ट्रीय कार्य समिति में शामिल किया गया है।
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