महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एक तरफ सत्ताधारी एनसीपी ने शरद पवार गुट पर बदनामी का 'ठेका' देने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ शरद गुट ने कथित बाबा अशोक खरात के साथ बड़े नेताओं की वायरल तस्वीरों की जांच की मांग कर डाली है। अब इस मामले ने सूबे के सियासी पारे को गरमा दिया है।
महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों के बीच की खींचतान अब और तेज हो गई है। हाल ही में दोनों तरफ से ऐसे आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। दरअसल, सत्ताधारी एनसीपी के नेता सूरज चव्हाण ने आरोप लगाया था कि शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने महायुति के नेताओं को बदनाम करने लिए एक एजेंसी को ठेका दिया है। उन्होंने कहा था कि महायुति के बीच फूट डालने के लिए पांच करोड़ रुपये का ठेका दिया गया।
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शरद पवार गुट का पलटवार
हालांकि, अब इस पर पलटवार करते हुए एनसीपी (शरद पवार) के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने आरोपों को बचकाना करार दिया है। शिंदे ने कहा कि आरोप लगाने वालों को अपने ही सहयोगियों से पूछताछ करनी चाहिए कि आखिर उनके लिए असली मुसीबत कौन खड़ी कर रहा है।
इतना ही नहीं, शशिकांत शिंदे ने जनवरी में एक विमान हादसे में मारे गए तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उस हादसे की 'ब्लैक बॉक्स' रिपोर्ट और सीआईडी जांच के नतीजे अभी तक सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि बिना इन जानकारियों के सच कैसे सामने आएगा? उन्होंने मांग की कि रोहित पवार की ओर से उठाए गए मुद्दों की जांच करनी चाहिए।
कथित 'बाबा' की तस्वीरों पर मचा बवाल
सियासी जंग यहीं नहीं रुकी। हाल ही में नासिक के एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख और स्वयंभू बाबा अशोक खरात को यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद कई बड़े नेताओं की बाबा के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। एनसीपी शरद पवार के नेता शशिकांत शिंदे ने सभी नेताओं और बाबा के रिश्तों की जांच की मांग कर डाली है। शिंदे ने यह भी कहा कि धर्म के नाम पर दिए जाने वाले ऐसे बयानों पर लगाम लगनी चाहिए। इससे समाज में तनाव पैदा होते हैं।
सरकार का बचाव
दूसरी तरफ, राज्य की मंत्री और सत्ताधारी एनसीपी नेता अदिति तटकरे ने सरकार का बचाव किया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में खिंचवाई गई तस्वीर का मतलब यह नहीं है कि नेता उस व्यक्ति के गलत कामों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। सच जल्द ही सबके सामने होगा।