महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख जयंत पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी छोड़ने वालों का अगर हृदय परिवर्तन हो गया है और वे वापसी करना चाहते हैं तो ऐसे में हमको उनका प्रस्ताव ठुकराना नहीं चाहिए। क्योंकि राजनीति में पार्टी के अंदर संख्या का काफी महत्व होता है।
वरिष्ठ नेता अजीत पवार और छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल सहित आठ विधायकों के 2 जुलाई को एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद एनसीपी को टूट का सामना करना पड़ा। बता दें कि इसमें पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।
पाटिल ने दावा किया कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ लोगों ने उनसे वापस लौटने की इच्छा जाहिर की है और कहा कि ये लोग धीरे-धीरे (अपने दल बदलने पर) जनता की भावनाओं के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। राकांपा की राज्य इकाई के प्रमुख ने यह भी कहा कि अगर पार्टी में हर कोई एकजुट रहेगा तो जो लोग चले गए वे अंततः वापस लौट आएंगे।
राकांपा कार्यकर्ताओं में है लगन
उन्होंने आगे कहा कि आज, राकांपा कार्यकर्ता पूरी लगन से और अधिक समर्पण के साथ पार्टी की सेवा कर रहे हैं, इसलिए हमें यह नहीं मानना चाहिए कि बड़ी संख्या में लोगों ने पार्टी छोड़ दी है।
यह सच है कि कुछ व्यक्तियों को, जिन्हें पार्टी के भीतर कई अवसर प्रदान किए गए थे, उन्होंने छोड़ने का फैसला किया, लेकिन जमीनी स्तर के कार्यकर्ता अभी भी प्रतिबद्ध हैं, क्योंकि वे शरद पवार की विचारधारा में विश्वास करते हुए शामिल हुए हैं।
पाटिल ने आगे बताया कि अगर पार्टी के भीतर हर कोई एकजुट रहता है, तो जो लोग चले गए हैं वे अंततः लौट आएंगे। जब ऐसे व्यक्ति वापस लौटने का फैसला करते हैं और अपने हृदय परिवर्तन को स्वीकार करते हैं, तो हमें उन्हें अस्वीकार नहीं करना चाहिए। क्योंकि, राजनीति में, संख्या काफी महत्व रखती है।
इसलिए उभरने का मिलता है मौका
यहां राकांपा की शहर इकाई की कार्यकारिणी बैठक में उन्होंने कहा कि जब कुछ अग्रिम पंक्ति के नेता चले जाते हैं, तो दूसरे और तीसरे स्तर के लोगों को प्रमुखता से उभरने का मौका मिलता है। इसके अलावा पाटिल ने राज्य की कानून व्यवस्था के लेकर भी शिंदे सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सतारा में हुई सांप्रदायिक हिंसा और जालना में मराठा आरक्षण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया और कहा कि एकनाथ शिंदे सरकार के तहत महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है।
महाराष्ट्र राकांपा प्रमुख ने आगे कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि क्या ये घटनाएं रची गई हैं और यह राज्य के सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने का प्रयास है। वहीं राकांपा के पुणे शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने कहा कि पार्टी के संस्थापक शरद पवार के लिए यहां एक रोड शो आयोजित किया जाएगा। हाल, ही में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने यहां एक रोड शो किया था, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे।