महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार सुबह कटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी नामक विस्फोटक निर्माण कंपनी में हुए भीषण विस्फोट में 17 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट सुबह 7 बजे से 7.15 बजे के बीच हुआ।
DNA टेस्ट से होगी पहचान
मृतकों के परिवारजन, जिनके प्रियजन विस्फोट में पूरी तरह झुलस गए हैं, फैक्ट्री परिसर में जुट गए। परिवारजनों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने DNA टेस्ट का निर्णय लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार परिवारजनों से रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं ताकि जले हुए शवों की पहचान की जा सके। घायलों को तुरंत नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। नजदीकी रिश्तेदारों को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) ले जाकर डीएनए टेस्ट करवाया जा रहा है। एक परिजनों ने पीटीआई को बताया हम कुछ समझ नहीं पा रहे हैं, हमें अपने प्यारे की कोई खबर नहीं मिली।
राहत एवं बचाव कार्य शुरू
एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह घटना कंपनी के डिटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुई। विस्फोट के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों के परिजनों को हर संभव मदद प्रदान की जा रही है और घटना की पूरी जांच जारी है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने घायल व्यक्तियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में फैक्ट्री विस्फोट में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा "महाराष्ट्र के नागपुर में फैक्ट्री विस्फोट में लोगों की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती हूँ और घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं।"
नागपुर हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा
पीएम मोदी ने इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने कहा "महाराष्ट्र के नागपुर में एक फैक्ट्री में हुआ धमाका बहुत दुखद है। मरने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है। पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।"
ये भी पढ़ें:- भारत में खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन: कश्मीर में कई जगह विरोध, यूपी में हाई अलर्ट; सड़कों पर शिया समुदाय के लोग
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जताया दुख
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा "नागपुर जिले के राउलगांव में एक एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में धमाके की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। मैं लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के लगातार संपर्क में हूं। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर हैं। पेसो (पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन) और डिश (औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय) की टीमें पहुंच गई हैं। राहत का काम तेज कर दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा, "अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। मैं मरने वालों को दिल से श्रद्धांजलि देता हूं। हम उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं। इस घटना में 18 लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नागपुर शिफ्ट कर दिया गया है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उनकी सेहत जल्द ठीक हो जाए। इस घटना की पूरी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।"
नितिन गडकरी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "नागपुर जिले के कटोल तहसील के राउलगांव में मौजूद एसबीएल एनर्जी एम्युनिशन बनाने वाली कंपनी में हुए बड़े धमाके में 17 मजदूरों की मौत की घटना बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मरने वाले मजदूरों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं।"