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महाराष्ट्र: मुंबई के कांदिवली रेलवे स्टेशन पर हंगामा, टिकट चेकर और महिला यात्री के खिलाफ मारपीट की एफआईआर

Sat, 17 Oct 2026 10:28 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई के कांदिवली रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट यात्रा को लेकर विवाद के बाद महिला यात्री और मुख्य टिकट निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला के कपड़े फटने के बाद स्टेशन पर भीड़ जमा हुई और पुलिस तथा आरपीएफ को हस्तक्षेप करना पड़ा। दोनों पक्षों पर मारपीट के आरोप हैं। आखिर विवाद किसकी कार्रवाई से बढ़ा? क्या जांच में घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी?

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महिला यात्री और टिकट चेकर के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मुंबई के कांदिवली रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट यात्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। रेलवे पुलिस ने इस मामले में महिला यात्री और मुख्य टिकट निरीक्षक के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। शुक्रवार शाम स्टेशन पर उस समय हंगामा हुआ, जब बिना टिकट यात्रा करने के आरोप में रोकी गई महिला ने वहां से निकलने की कोशिश की। इस दौरान महिला के कपड़े फट गए और बाद में स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई। दोनों पक्षों पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।

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पश्चिमी मुंबई के कांदिवली स्टेशन पर हुई घटना के बाद बोरीवली रेलवे पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य टिकट निरीक्षक प्रिया अंबावडे ने महिला यात्री को बिना टिकट यात्रा करने पर रोका था। महिला निर्धारित जुर्माना भरे बिना वहां से जाने की कोशिश कर रही थी। उसे रोकने के दौरान वह गिर गई और उसके कपड़े फट गए। इसके बाद निरीक्षक उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए टिकट जांच कार्यालय ले गईं। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ महिलाओं ने कथित तौर पर हस्तक्षेप किया।

महिला यात्री और टिकट चेकर के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार शाम 25 वर्षीय महिला यात्री को बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा गया था। मुख्य टिकट निरीक्षक प्रिया अंबावडे ने उसे रोकने की कोशिश की। आरोप है कि महिला निर्धारित जुर्माना दिए बिना वहां से निकलना चाहती थी। उसे रोकने के दौरान वह गिर गई और उसके कपड़े फट गए। इसके बाद टिकट निरीक्षक महिला को टिकट जांच कार्यालय ले गईं, ताकि नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके। हालांकि, इसी घटना के बाद विवाद बढ़ गया और स्टेशन परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
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टिकट जांच कार्यालय में हंगामा क्यों हुआ?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, महिला यात्री के साथ आईं तीन से चार अज्ञात महिलाओं ने कथित तौर पर बीच में हस्तक्षेप किया और महिला को जबरन रेलवे परिसर से बाहर ले गईं। इस दौरान टिकट जांच कर्मचारियों के आधिकारिक काम में बाधा पहुंचने का आरोप है। कुछ ही देर में टिकट जांच कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल लोग मुख्य टिकट निरीक्षक पर अभद्र व्यवहार और अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे थे। बताया गया कि लोगों ने निरीक्षक पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव भी बनाया, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया।

पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
बोरीवली रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला यात्री और मुख्य टिकट निरीक्षक के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। टिकट निरीक्षक पर महिला के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, महिला यात्री पर ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप है। फिलहाल दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज मामलों में आरोपों की जांच की जानी है। प्राथमिकी दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि किसी पक्ष का आरोप साबित हो गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

भीड़ को हटाने के लिए पुलिस और आरपीएफ को क्यों आना पड़ा?
स्टेशन पर भीड़ बढ़ने और हंगामा होने के बाद पुलिस तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, दोनों बलों ने भीड़ को हटाकर स्थिति सामान्य करने की कोशिश की। पश्चिम रेलवे ने इस घटना के बाद कहा कि टिकट जांच कर्मचारियों को अपने कानूनी और आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने दिया जाना चाहिए। रेलवे ने यह भी जोर दिया कि कर्मचारियों को डराने, परेशान करने या उनके काम में गैरकानूनी तरीके से बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। फिलहाल इस घटना में दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज हैं और आरोपों की जांच की जानी है।

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