मुंबई कांग्रेस की कमान एक बार फिर हिंदीभाषी नेता को सौंपे जाने की कवायद शुरु हो गई है। साल 2022 में होने वाले मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के मद्देनजर पार्टी ने अभी से कीलकांटे दुरुस्त करने शुरू कर दिए हैं। इसलिए जल्द ही किसी हिंदीभाषी की मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद की ताजपोशी होने की संभावना है।
पूर्व सांसद संजय निरुपम और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा के बाद पार्टी ने वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ को मुंबई अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन अब पार्टी किसी सर्वमान्य नेता को मुंबई की कमान सौंपना चाहती है।
बीते सप्ताह मुंबई के दर्जनभर कांग्रेस नेताओं ने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी मल्लिकार्जुन खडगे से मिलकर अपने विचार व्यक्त किए थे। उसके बाद से ही नए अध्यक्ष की कवायद शुरू हुई है। चूंकि मौजूदा अध्यक्ष एकनाथ गायकवाड की पुत्री वर्षा गायकवाड़ राज्य की शिक्षामंत्री बन चुकी हैं, इसलिए उनको अध्यक्ष पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है।
पद की रेस में हैं मनहास, सप्रा और जगताप
फिलहाल, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में अमरजीत सिंह मनहास, चरणजीत सिंह सप्रा और भाई जगताप का नाम सामने आया है। मनहास मुंबई कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और मुंबई हाऊसिंग बोर्ड (म्हाडा) के चेयरमैन रह चुके हैं। मुंबई कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेन्द्र उपाध्याय मनहास को मृदुभाषी और सर्वमान्य नेता मानते हैं। वहीं, चरणसिंह सप्रा विधान परिषद सदस्य और मजदूर नेता भाई जगताप कई विधायक रह चुके हैं।
प्रदेश में मराठी मुंबई में उत्तर भारतीय रही है कांग्रेस की नीति
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस की कमान मराठी को और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद पर हिंदीभाषी को अध्यक्ष पद देने की कांग्रेस आलाकमान की नीति रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा से लेकर गुरुदास कामत, कृपाशंकर सिंह, संजय निरूपम और उसके बाद मिलिंद देवड़ा जैसे कद्दावर नेता मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं।