महाराष्ट्र के अलग-अलग प्रयोगशालाओं में कोविड-19 जांच रिपोर्ट में विसंगति सामने आई है। प्रदेश के दो विधायकों ने मंगलवार को कोरोना रिपोर्ट में अंतर होने का दावा करते हुए इस मामले की जांच की मांग की। वहीं, भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के सदस्यों ने भी रिपोर्ट में अंतर का दावा किया है।
विधानपरिषद में भाजपा के सदस्य गोपीचंद पड़लकर ने कहा कि दो दिन पहले पुणे में उनकी कोविड-19 के नमूने की जांच की गई थी। जांच में कोरोना पॉजिटिव आया।
इसके बाद मैंने अपने पार्टी नेताओं को इसकी सूचना दी और अपने आप को पृथक कर लेने के लिए पुणे लौट गया। एहतियात के तौर पर मैंने सोमवार को एक दूसरी प्रयोगशाला में अपना नमूना दिया। लेकिन जांच रिपोर्ट में कोरोना वायरस संक्रमण सामने नहीं आया।
पडलकर ने कहा कि इसकी सघन जांच होनी चाहिए, क्योंकि एक ही शहर की दोनों ही निजी प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट विरोधाभासी थीं। यह गंभीर स्वास्थ्य मुद्दा है।
वहीं, एनसीपी के विधायक शशिकांत शिंदे ने दावा किया कि भाजपा विधायक प्रशांत परिचारक के साथ भी ऐसा ही हुआ। कोरोना वायरस को लेकर उनकी पहली रिपोर्ट पॉजिटिव और दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस मामले पर गृह राज्यमंत्री सतेज पाटिल ने जवाब में कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी जाएगी।