देश में कोरोना महामारी की सर्वाधिक मार और ऑक्सीजन का सबसे ज्यादा संकट महाराष्ट्र ही भोग रहा है। राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति व मांग में संतुलन नहीं बन पाने के कारण मारामारी बढ़ती जा रही है। अभी मांग से ज्यादा उत्पादन है, इसके बावजूद किल्लत बनी हुई है। आने वाले दिनों में संक्रमण कम नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गत दिनों फेसबुक पर लोगों से लाइव बात करते हुए राज्य में ऑक्सीजन की कमी पर चिंता जताई थी। ठाकरे ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर देश के औद्योगिक व कारोबारी दृष्टि से अग्रणी राज्य में क्यों है ऑक्सीजन की किल्लत?
रोज 1200 टन उत्पादन
राज्य में रोजाना 1200 टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। चूंकि कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार ने इसके औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। इसलिए सारी गैस की खपत अस्पताल में ही हो रही है। समस्या इसलिए आ रही है कि राज्य के कई हिस्सों में समय पर गैस पहुंच नहीं पा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि संक्रमण कम नहीं हुआ तो कुछ दिनों में मांग बढ़कर 1,500 से 1,600 टन तक पहुंच जाएगी। इसे पूरा करने में सरकार की हालत पस्त हो सकती है।
अस्पतालों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट
हालात से निपटने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार 50 से ज्यादा बेड वाले अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। दूसरे राज्यों से भी ऑक्सीजन लाने का प्रयास जारी है।