मीरा रोड चाकू हमले की जांच अब लोन वुल्फ एंगल पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आरोपी के घर से संदिग्ध सामग्री मिली है और वह कथित रूप से कट्टर विचारों से प्रभावित था। जांच में दावा है कि उसकी सोच जिहाद के नाम पर एक समुदाय को निशाना बनाने की ओर झुकी थी।
महाराष्ट्र के मीरा रोड इलाके में हुए चाकू से हमले के मामले में अब जांच ने गंभीर और बड़ा मोड़ ले लिया है। ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला लोन वुल्फ यानी अकेले किए गए हमले जैसा लगता है और शुरुआती जांच में आरोपी के घर से कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक सामग्री मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी के व्यवहार और मिले सबूतों से ऐसा संकेत मिलता है कि वह खुद को कट्टर विचारों से प्रभावित कर चुका था। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी की सोच जिहाद के नाम पर हिंदू धर्म को निशाना बनाने की ओर झुकी हुई थी।
अमेरिका से लौटा था आरोपी
उन्होंने आगे बताया कि इस पूरे मामले की जांच सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जांच का दायरा सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि आरोपी किस तरह से प्रभावित हुआ और क्या इसके पीछे कोई और लोग या संगठन शामिल हैं।
समझिए पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जो बाद में हिंसा में बदल गई। आरोप है कि हमलावर ने धार्मिक बात को लेकर गार्डों पर दबाव बनाया और मना करने पर हमला कर दिया। हालांकि पुलिस अभी इसकी पुष्टि सभी तथ्यों के आधार पर कर रही है।
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हमले के बाद इलाके में बढ़ा तनाव
हमले के बाद इलाके में तनाव फैल गया और धार्मिक एंगल को लेकर अफवाहें भी तेजी से फैलने लगीं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए तुरंत पुलिस और ATS की टीम मौके पर पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को करीब तीन घंटे के अंदर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की मदद से उसे ट्रैक किया और गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि अब यह मामला महाराष्ट्र एटीएस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी को भी सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश मौजूद है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और पुलिस का कहना है कि असली मकसद सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।