सार
महाराष्ट्र में स्टिंग ऑपरेशन में मंत्री नरहरि जिरवाल के निजी सचिव डॉ. रामदास गाडे पर रिश्वत लेने का आरोप सामने आया। फाइल क्लियर करने के लिए 50,000 से 1 लाख रुपये की मांग के संकेत मिले। उन्हें तुरंत हटाकर कृषि विभाग में सहायक आयुक्त पद पर लौटाया गया।
महाराष्ट्र के मंत्री नरहरि जिरवाल
- फोटो : एक्स@Narhari_Zirwal
महाराष्ट्र में रिश्वत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राज्य के खाद्य और औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल के निजी सचिव डॉ. रामदास गाडे को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है और उन्हें उनके मूल विभाग में वापस जाने के लिए कहा गया है। आरोप है कि फाइल क्लियर करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। डॉ. गडे, जो मंत्री के निजी सचिव के रूप में तैनात थे, अब कृषि विभाग में सहायक आयुक्त (पशुपालन) के पद पर लौटेंगे।प्रशासन ने इसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दी है ताकि आवश्यक आदेश तुरंत जारी किए जा सकें।
बता दें कि मामला एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सामने आया। स्टिंग में यह खुलासा हुआ कि फाइल पर पेन से एक रेखा खींचने का मतलब 50,000 रुपये रिश्वत और दो रेखाओं का मतलब एक लाख रुपये रिश्वत था। मामले में नाम सामने आया जब मेडिकल दुकान मालिक निर्मल शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने पानी की बोतलें और ओआरएस फ्रिज में रख दिए थे, जो दवाइयों के लिए आरक्षित था।
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शर्मा ने सात फरवरी को की थी अपील
शर्मा ने 7 फरवरी को मंत्रालय में अपील की और 13 फरवरी को सुनवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे मंत्रालय पहुंचे तो उन्हें गडे के कक्ष में बैठाया गया, जहां एक क्लर्क, राजेंद्र धेरंगे, ने कथित तौर पर 1.10 लाख रुपये रिश्वत मांगी। इसमें 1 लाख रुपये वरिष्ठ अधिकारियों के लिए और 10,000 रुपये स्वयं के लिए थे। इसपर शर्मा ने कहा कि जब उन्होंने ज्यादा राशि की शिकायत की, तो उन्हें 50% की छूट ऑफर की गई। इसके बाद उन्होंने 2,000 रुपये ऑनलाइन और 53,000 रुपये नकद में दिए।
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मंत्री से नहीं हो पाई मुलाकात
शर्मा ने आरोप लगाया कि 21 फरवरी को जब वे फिर से मंत्रालय गए, तो मंत्री जिरवाल मौजूद थे, लेकिन उन्हें मंत्री से मिलने नहीं दिया गया और फिर से गड़े के पास भेज दिया गया। शर्मा ने इस पूरी घटना की शिकायत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है। इस घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डॉ. गडे को उनके पद से हटा दिया और मंत्रालय में रिश्वत लेने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
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