मलिक ने कहा, 'परमबीर सिंह और सचिन वाजे ने एंटीलिया बम धमकी की योजना बनाई थी। उन्होंने एक गुंडे के लिए नकली पासपोर्ट भी बनवाया, जिस पर पाकिस्तान जाने-आने की स्टांप थी। अगर मनसुख हिरेन की हत्या नहीं होती या वह आत्मसमर्पण कर देता तो ऐसी स्थिति में दोनों ने उस गुंडे को आतंकवादी बताते हुए उसका फर्जी एनकाउंटर करने की योजना बनाई थी।' मलिक ने कहा कि एनआईए को वाजे के घर से एक नकली पासपोर्ट भी मिला है।
इस साल फरवरी में दक्षिण मुंबई में स्थित प्रसिद्ध कारोबारी अनिल अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर एक एसयूवी मिली थी जिसमें विस्फोटक रखे हुए थे। यह एसयूवी कारोबारी मनसुख हिरेन की थी, जो इसके कुछ दिन बाद ही ठाणे जिले के मुंब्रा में एक खाड़ी में मृत पाया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस मामले की जांच कर रही है। एनआईए ने मार्च में मुंबई पुलिस में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) सचिन वाजे को गिरफ्तार किया था।