महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नरहरि जिरवाल एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के चलते विवादों में घिरे हैं। कांग्रेस ने इसे सूबे की राजनीति का नैतिक पतन करार दिया है। विपक्षी पार्टी ने मंत्री को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। वहीं, इस मामले में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग की साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।
महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही जारी खींचतान के बाद अब एक कथित वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल इस वीडियो की वजह से चौतरफा घिर गए हैं।
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क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मंत्री जिरवाल सरकारी आवास पर किन्नर के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने अब इसी वीडियो को आधार बनाकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विपक्ष ने क्या कहा?
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि यह सिर्फ एक वीडियो नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की गौरवशाली राजनीति के नैतिक पतन का प्रमाण है। जनता के टैक्स के पैसे पर पलने वाले और जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि अगर इस तरह के अनैतिक व्यवहार में शामिल होंगे, तो समाज में क्या संदेश जाएगा?
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ब्लैकमेलिंग या राजनीतिक साजिश?
वहीं, विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह मामला ब्लैकमेलिंग से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर उस ट्रांसजेंडर के भाई ने इस वीडियो को वायरल किया है, जिससे मंत्री को ब्लैकमेल किया जा सके। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कहा कि सरकारी आवास में इस तरह की गतिविधियां मर्यादा के खिलाफ हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
मुश्किलों में घिरे जिरवाल
नरहरि जिरवाल के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले महीने ही उनके कार्यालय के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। जिसके बाद उन्हें अपने निजी सचिव को पद से हटाना पड़ा था। अब इस नए कांड ने उनकी कुर्सी पर खतरा और बढ़ा दिया है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक मंत्री जिरवाल या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।