महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मीरा रोड इलाके में एक कट्टरपंथी ने दो सुरक्षा गार्ड्स पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी जैब जुबैर अंसारी ने हमला करने से पहले गार्ड्स से उनका धर्म पूछा और उन्हें 'कलमा' पढ़ने को कहा। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके घर से इस्लामिक स्टेट (ISIS) और 'लोन वुल्फ' अटैक से जुड़ा एक संदिग्ध नोट बरामद हुआ है।
महाराष्ट्र के ठाणे में एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों की पूरी नींद उड़ा दी है। यहां एक सिरफिरे हमलावर ने दो सुरक्षा गार्ड्स पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले ने पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल बना दिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में इसे एक आतंकी साजिश और 'लोन वुल्फ' अटैक माना जा रहा है।
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पुलिस और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने इस मामले में 31 साल के आरोपी जैब जुबैर अंसारी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि कट्टरपंथी हो चुके आरोपी ने गार्ड्स से पहले उनका धर्म पूछा और फिर उन पर हमला किया। एटीएस को आरोपी के घर से कुछ ऐसे अहम सबूत मिले हैं, जो उसके खतरनाक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने का सीधा इशारा करते हैं।
गार्ड्स के साथ क्या खौफनाक घटना हुई?
यह सनसनीखेज घटना सोमवार तड़के ठाणे के मीरा रोड इलाके की है।
यहां एक निर्माणाधीन इमारत में आरोपी का सुरक्षा गार्ड्स के साथ किसी बात पर विवाद हो गया था।
आरोप है कि विवाद के बाद उसने गार्ड्स से उनका धर्म पूछा।
हमलावर ने गार्ड्स को पहले 'कलमा' पढ़ने के लिए कहा और फिर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
खौफनाक हमला करने वाले आरोपी की पहचान 31 वर्षीय जैब जुबैर अंसारी के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी साल 2020 में अमेरिका से भारत लौटा था।
अधिकारियों का साफ मानना है कि यह व्यक्ति पूरी तरह से कट्टरपंथी बन चुका है।
वह बिना किसी की मदद के अकेले ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने पहुंचा था।
एटीएस की जांच में क्या बड़े खुलासे हुए?
महाराष्ट्र एटीएस ने आरोपी जुबैर के घर की गहन तलाशी ली है।
तलाशी के दौरान घर से एक बेहद संदिग्ध नोट बरामद हुआ है।
इस नोट में 'लोन वुल्फ' हमलों (अकेले आतंकी हमला करना) का जिक्र किया गया है।
साथ ही इस पर्चे में खूंखार आतंकी संगठन 'इस्लामिक स्टेट' (ISIS) का भी नाम लिखा हुआ है।
क्या यह किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश थी?
शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इसे 'लोन वुल्फ' अटैक बता रही है।
लोन वुल्फ अटैक में आतंकी किसी संगठन के संपर्क में आए बिना अकेले ही अपने स्तर पर हमला करता है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि आरोपी का ब्रेनवाश किसने किया।
इस घटना के बाद से ही राज्य की तमाम खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
इस घटना के बाद पूरे मीरा रोड इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एटीएस अब आरोपी के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और विदेश से जुड़े उसके संपर्कों को खंगाल रही है। यह मामला सिर्फ एक आपसी झगड़े का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा बन गया है जिसकी जांच तेज कर दी गई है।
क्या होता है लोन वुल्फ अटैक?
आतंकवाद और अपराध की दुनिया में 'लोन वुल्फ अटैक' उस हमले को कहा जाता है, जिसे कोई व्यक्ति बिना किसी आतंकी संगठन की प्रत्यक्ष मदद, ट्रेनिंग, फंडिंग या सीधे निर्देश के अकेले ही अंजाम देता है। इस तरह के हमले में व्यक्ति किसी खूंखार संगठन (जैसे ISIS या अल-कायदा) का आधिकारिक सदस्य नहीं होता, लेकिन वह उनकी विचारधारा से प्रभावित होकर खुद ही आतंकी घटना को अंजाम देने का फैसला करता है।