राकांपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति रामराजे निंबालकर विधानसभा चुनाव से पहले विधानसभा में राधाकृष्ण विखे पाटिल के कदमों पर चलते हुए भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
एक नजदीकी सहयोगी ने रविवार को कहा कि निंबालकर यदि भाजपा में जाते हैं तो इसका कारण सतारा से राकांपा सांसद उदयनराजे भोसले के साथ चल रहे उनके टकराव को माना जा सकता है। निंबालकर सतारा जिले के फलटन तालुका के एक शाही परिवार से आते हैं जबकि भोसले छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज हैं।
यह भी उम्मीद है कि निंबालकर पार्टी बदलने के बाद भी विधान परिषद के सभापति पद पर बने रहें। भोसले के छोटे भाई शिवेंद्रराजे पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्हें पश्चिमी महाराष्ट्र जिले की जावली सीट से उम्मीदवार बनाने की अटकलें हैं।
राकांपा संरक्षक शरद पवार के सुलह कराने के प्रयासों के बावजूद निंबालकर और भोसले ने सार्वजनिक मंचों पर एक दूसरे की आलोचना करना जारी रखा। विधानसभा चुनाव इस वर्ष सितम्बर-अक्टूबर में होने की संभावना है। विखे पाटिल इस वर्ष जून में देवेंद्र फडणवीस नीत सरकार में आवास मंत्री बनाए जाने के बाद आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए।