महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि हरित ऊर्जा अपनाकर राज्य के किसान जल्द ही दूसरी हरित क्रांति का नेतृत्व कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरे राज्य में सौर ऊर्जा से चलने वाले गांव विकसित किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना के तहत आर्थिक मदद का लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरण फिर से शुरू हो गया है। राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते योजना के तहत हस्तांतरण बीते कुछ दिनों से बंद था। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने यह जानकारी दी। तटकरे ने बताया कि योजना के तहत किस्तों का वितरण चरणों में किया जाएगा।
विज्ञापन
योजना के तहत आर्थिक मदद बढ़ाने पर विचार करेगी सरकार
लाडकी बहिन योजना के तहत राज्य सरकार हर लाभार्थी महिला के बैंक खाते में 1500 रुपये भेजेगी। बीते महीने हुए विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत में इस योजना की अहम भूमिका बताई जा रही है। राज्य की मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि लाडकी बहिन योजना के राज्य में 2.34 करोड़ लाभार्थी हैं। योजना के तहत सरकार ने 2,100 रुपये प्रति माह देने का वादा किया है। जब इसके बारे में पूछा गया तो तटकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही कह चुके हैं कि अगले बजट के दौरान इस पर फैसला किया जाएगा।
सीएम बोले- अक्षय ऊर्जा अपनाकर दूसरी हरित क्रांति का नेतृत्व करेंगे किसान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि हरित ऊर्जा अपनाकर राज्य के किसान जल्द ही दूसरी हरित क्रांति का नेतृत्व कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरे राज्य में सौर ऊर्जा से चलने वाले गांव विकसित किए जा रहे हैं। फडणवीस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री सौर कृषि फीडर परियोजना 2.0 के तहत वाशिम जिले के उम्ब्राथा और धाराशिव जिले के नारंगवाड़ी में परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सौर कृषि फीडर योजना किसानों को दिन के समय टिकाऊ और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में, महाराष्ट्र में किसानों को 16,000 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाती है। फडणवीस ने कहा कि सभी फीडरों को सौर ऊर्जा में स्थानांतरित करने की पहल दो साल पहले शुरू हुई थी और इसे चरणों में पूरा किया जाएगा।