मुख्यमंत्री लाडला भाई योजना
- फोटो : AMAR UJALA
चुनावी राज्य महाराष्ट्र में सरकार ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नई योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने युवाओं को नौकरी प्रशिक्षण और भत्ता देने की घोषणा की है। इस योजना को 'मुख्यमंत्री लाड़का भाऊ' के नाम से जाना जा रहा है। हालांकि, हिंदी में इस योजना का नाम मुख्यमंत्री लाडला भाई योजना है। इससे पहले राज्य सरकार महिलाओं के लिए 'लाडकी बहिन योजना' (महिलाओं के लिए) शुरू कर चुकी है।
हाल ही में खत्म हुए विधानसभा सत्र में विपक्ष ने राज्य में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था। सरकार अब यह योजना लेकर आई है जिसके तहत उम्मीदवार को अप्रेंटिशिप के दौरान 6,000 रुपये से 10,000 तक का वजीफा मिलेगा। हालांकि, विपक्ष ने इस योजना को जुमला करार दिया है।
आइये जानते हैं कि महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री लाड़का भाऊ योजना क्या है? इस योजना का लाभ किन्हें मिलेगा? इसके लिए पात्रता क्या रखी गई है? योजना पर सरकार ने क्या कहा है? योजना पर विपक्ष का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री लाडला भाई योजना
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महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री लाड़का भाऊ' योजना क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना शुरू की है। सरकार के मुताबिक, यह राज्य के बेरोजगार युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर देने के लिए की गई पहल है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता और कौशल को बढ़ाना और उन्हें प्रतिस्पर्धी नौकरी के लिए तैयार करना है।
इस योजना के लिए कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग और मुख्यमंत्री जन कल्याण कक्ष को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। योजना को अस्थायी रूप से 'लाड़का भाऊ' नाम दिया गया है हालांकि, इसका आधिकरिक नाम 'मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना' रखा गया है। इस योजना के लिए 5 हजार 500 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।
योजना में किसे क्या मिलेगा?
नौकरी की तलाश कर रहे कक्षा 12 पास करने वालों को 6,000 रुपये, डिप्लोमा धारकों को 8,000 रुपये और स्नातक डिग्री धारकों को 10,000 रुपये मिलेंगे। उन्हें सरकारी प्रतिष्ठानों और निजी क्षेत्र के उद्योगों में ऑन-जॉब प्रशिक्षण के दौरान सरकार से यह राशि वजीफे या भत्ते के रूप में मिलेगी। इस योजना के तहत उम्मीदवार अप्रेंटिसशिप करेगा और नौकरी प्राप्त करेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को राज्य सरकार की ओर से वित्त पोषित किया जाएगा।
सरकार द्वारा किए गए दस्तावेज के अनुसार, इंटर्नशिप छह महीने की होगी। इसे पूरा करने के बाद छात्रों को संबंधित उद्योग द्वारा एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 10 लाख इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध होंगे और इस योजना में कुल 50 अवसर उपलब्ध होंगे। प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक और शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक पांच हजार की आबादी पर एक योजनाकार की नियुक्ति की जाएगी।
योजना में पात्रता की शर्त क्या रखी गई है?
उम्मीदवारों के लिए तीन पात्रता शर्तें रखी गई हैं। पहली आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। दूसरी न्यूनतम शिक्षा है जिसके तहत आवेदक को 12वीं पास/आईटीआई/डिप्लोमा/स्नातक/स्नातकोत्तर होना चाहिए। वहीं उम्मीदवार को महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए। इच्छुक उम्मीदवारों को कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग की वेबसाइट https://rojgar.mahaswayam.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
योजना में उद्योगों और प्रतिष्ठानों के लिए भी चार शर्तें तय की गई हैं। पहला इन्हें महाराष्ट्र में काम करना चाहिए। दूसरा नियोक्ता के रूप में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार वेबपोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। तीसरा उद्योगों और प्रतिष्ठानों को तीन साल से स्थापित होना चाहिए। अंतिम है कि इन्हें ईपीएफ, ईएसआईसी, जीएसटी, डीपीआईटी और उद्योग आधार के साथ पंजीकृत होना चाहिए और निगमन का प्रमाण पत्र होना चाहिए।
फडणवीस, सीएम शिंदे के साथ अजित पवार
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योजना पर सरकार ने क्या कहा है?
मुख्यमंत्री शिंदे ने बुधवार को आशा एकादशी के अवसर पर सोलापुर जिले के पंढरपुर में नई योजना की विशेषताओं के बारे में बताया। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, 'कुछ लोगों ने कहा कि 'लाडकी बहिन योजना' (महिलाओं के लिए) शुरू की गई है। 'लाडका भाऊ' (प्यारे भाई) के बारे में क्या? हम अब लाडका भाऊ के लिए एक योजना की घोषणा कर रहे हैं। यह इतिहास में पहली बार है जब राज्य सरकार ने इस तरह की योजना शुरू की है।'
संजय राउत
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योजना पर विपक्ष का क्या रुख है?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गुरुवार को सरकार द्वार हाल में शुरू गई योजनाओं को 'फ्रीबीज' बताया। महाराष्ट्र की महायुति सरकार की आलोचना करते हुए राउत ने कहा कि वह मुफ्त उपहारों की घोषणा कर रही है, जबकि राज्य आठ लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ से जूझ रहा है।
लाडला भाऊ के नाम से चर्चित हुई इस योजना को विपक्षी नेता आदित्य ठाकरे ने जुमला करार दिया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, 'सरकार को साल भर की पूरी राशि देनी चाहिए। लोगों को सरकार पर भरोसा नहीं है। यह एक जुमला है। वजीफा केवल कौशल विकास छात्रों को दिया जाएगा।