महाराष्ट्र सरकार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1995 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) का आयुक्त नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ अश्विनी भिड़े बीएमसी कमिश्नर बनने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी बन गई हैं। इससे पहले वे मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
भिड़े की नियुक्ति के बाद मुंबई नगर निगम में पूरी तरह से महिला नेतृत्व स्थापित हो गया है, क्योंकि मेयर की कुर्सी पर भी रितु तावड़े काबिज हैं। अश्विनी भिड़े ने वरिष्ठ नौकरशाह भूषण गगराणी के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली।
मुंबई मेट्रो की MD रह चुकी हैं
अश्विनी भिड़े ने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRCL) में प्रबंध निदेशक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने शहर के मेट्रो नेटवर्क के विस्तार में अहम योगदान दिया, जिसमें आरे कार शेड प्रोजेक्ट भी शामिल है। उनका कार्यकाल 2030 तक रहेगा। बीएमसी कमिश्नर के पद के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में थे, जैसे संजय मुखर्जी, असीम गुप्ता और मिलिंद म्हैस्कर, लेकिन अंतिम रूप से अश्विनी भिड़े ने बाजी मारी। उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विश्वसनीय अधिकारी माना जाता है।
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कौन हैं अश्विनी भिड़े?
- महाराष्ट्र कैडर की 1995 बैच की आईएएस अधिकारी
- यूपीएससी परीक्षा में महिलाओं में पहले और ओवरऑल मेरिट में नौवें स्थान पर रही
- मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली की रहने वाली
- प्रारंभिक पढ़ाई मराठी मीडियम से, बाद में बीए और इंग्लिश लिटरेचर में एमए
- मेट्रो-3 (एक्वा लाइन) प्रोजेक्ट को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरा किया
- तेजतर्रार और सख्त निर्णय लेने वाली अफसर के रूप में जानी जाती हैं
अश्विनी भिड़े की नियुक्ति से बीएमसी में महिला नेतृत्व और आधुनिक प्रशासन की मिसाल कायम हुई है, जबकि उनके मेट्रो प्रोजेक्ट के अनुभव ने उन्हें शहर की जटिलताओं और विकास योजनाओं को समझने में विशेषज्ञ बना दिया है।