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Maharashtra: जीशान सिद्दीकी को फोन पर धमकी; एकनाथ शिंदे बोले- खाद्य पदार्थ में मिलावट पर मकोका के तहत कार्रवाई

Wed, 12 Aug 2026 12:36 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त संगठित अपराध विरोधी कानून मकोका के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे बेईमान तत्व नागरिकों, विशेषकर युवाओं के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं। खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों और मिलावट के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा राज्यव्यापी स्तर पर जारी की गई कार्रवाई के बीच यह निर्देश आया है।
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शिंदे ने मुंबई में एक बैठक आयोजित की, जिसमें 'विकसित महाराष्ट्र 2047' विजन के तहत वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की गई, साथ ही उन्हें प्राप्त करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की गई। बैठक में एफडीए विभाग द्वारा दी गई प्रस्तुति के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से खाद्य पदार्थों में मिलावट, विशेष रूप से दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करना कोई साधारण अपराध नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कृत्य है जो सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन को खतरे में डालता है। छोटे बच्चे बड़ी मात्रा में दूध का सेवन करते हैं, और मिलावटी खाद्य उत्पाद, जिनमें नकली पनीर भी शामिल है, उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे में डाल सकते हैं। शिंदे ने कहा कि मिलावट में शामिल लोग सीधे तौर पर बच्चों के जीवन और भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं।
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धर्म परिवर्तन का जाल: पुणे में दो लोगों के खिलाफ केस, ब्रिटेन में रह रहा ओसीआई कार्डधारक भी शामिल
पुलिस ने जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में पुणे शहर में दो लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इनमें ब्रिटेन में रह रहा एक ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारक भी शामिल है। पुणे में महाराष्ट्र स्वतंत्रता धर्म अधिनियम लागू होने के बाद इस नए कानून के तहत ये पहले दो मामले दर्ज किए गए हैं। यह कानून एक अगस्त से लागू हुआ है। पहला मामला पांच अगस्त को फुरसुंगी पुलिस थाने में और दूसरा मामला नौ अगस्त को खड़की पुलिस थाने में दर्ज किया गया।

पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) प्रशांत अमृतकर ने कहा, "पुणे शहर में महाराष्ट्र स्वतंत्रता धर्म अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज किए गए हैं।" पहले मामले में फुरसुंगी पुलिस ने 22 वर्षीय युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस पर अपनी पत्नी, जो नाबालिग है, को अपना धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। यह मामला उत्तर प्रदेश निवासी शिवकुमार रावत की अपनी लापता बेटी के संबंध में दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया।

अधिकारी ने कहा, "उसे तलाशने के बाद आरोप लगाया गया कि उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई और उसके साथ अत्याचार करने का भी प्रयास किया गया। इस संबंध में फुरसुंगी पुलिस थाने में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और महाराष्ट्र स्वतंत्रता धर्म अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।"

दूसरे मामले में ब्रिटेन के एक ओसीआई कार्डधारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उस पर धार्मिक सभाओं के जरिए लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करने का आरोप है। खड़की पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी मैनचेस्टर का निवासी है। अधिकारी के मुताबिक, उसके खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 और हाल ही में लागू महाराष्ट्र स्वतंत्रता धर्म अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि ओसीआई कार्डधारक प्रार्थना सभाओं में शामिल हो सकते हैं और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने कहा, "हालांकि, वे आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना प्रचार नहीं कर सकते, कीर्तन आयोजित नहीं कर सकते या धार्मिक प्रवचन नहीं दे सकते।"

चुनावी खर्च का ब्योरा समय पर जमा नहीं करने पर नांदेड में स्थानीय निकायों के 44 सदस्य अयोग्य
महाराष्ट्र के नांदेड जिले में विभिन्न नगर परिषदों और एक नगर पंचायत के कुल 44 उम्मीदवारों को तीन साल के लिए नगर निकायों का सदस्य बनने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन उम्मीदवारों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं किया था। यह कार्रवाई जिले की 12 नगर परिषदों और एक नगर पंचायत के 2025 में हुए चुनावों के बाद की गई है।

उम्मीदवारों के लिए तय समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों को अपने चुनावी खर्च का विवरण जमा करना जरूरी है। हालांकि, इन 44 उम्मीदवारों ने इस नियम का पालन नहीं किया। इसके बाद महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप अधिनियम, 1965 की धारा 16(1-डी) के तहत उन्हें तीन साल की अवधि के लिए नगर निकाय सदस्य के चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।

अयोग्यता के आदेश 27 जुलाई 2026 को जारी किए गए थे। अयोग्य घोषित उम्मीदवारों के नाम महाराष्ट्र सरकार के राजपत्र में पांच अगस्त 2026 को प्रकाशित किए गए। अयोग्य घोषित उम्मीदवारों में उमरी नगर परिषद के छह, भोकर के दो, लोहा का एक, हिमायतनगर नगर पंचायत के 14, धर्माबाद के छह, किनवट के सात, मुखेड के तीन और कंधार के पांच उम्मीदवार शामिल हैं। इस तरह कुल संख्या 44 है।
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