कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को नीट (यूजी) की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार से मुलाकात की। छात्रा ने कथित तौर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा के रद्द होने से उपजे अवसाद के कारण पिछले महीने नागपुर में आत्महत्या कर ली थी। दीपके पिछले महीने नीट (यूजी) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए नागपुर में थे।
दीपके ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले नागपुर शहर के पांढराबोडी इलाके में स्थित आकांक्षा के घर का दौरा किया और उनके माता-पिता से मुलाकात की। इसके बाद विरोध स्थल पर जनसमूह को संबोधित करते हुए दीपके ने आकांक्षा की आत्महत्या का जिक्र किया और उनके परिवार के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा स्नातक (NEET UG)-2026 को रद्द कर दिया था। इसके बाद 21 जून को पुन: परीक्षा निर्धारित की गई थी। इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। मध्य प्रदेश के मौगंज जिले की मूल निवासी आकांक्षा नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी कर रही थी। हालांकि, परीक्षा रद्द करने की घोषणा के एक सप्ताह बाद 20 मई को उन्हें नागपुर स्थित उनके घर के कमरे में पंखे से लटका पाया गया था, जैसा कि पुलिस ने पहले बताया था।
आकांक्षा की मृत्यु के कुछ दिनों बाद जब उनके माता-पिता उसकी किताबें और अध्ययन सामग्री देख रहे थे, तो उन्हें एक हस्तलिखित नोट मिला, जिसमें लिखा था, "मम्मी, पापा... आप को मुझ पर भरोसा था कि मैं पढ़ाई करके डॉक्टर बनूंगी। लेकिन मुझमें फिर से परीक्षा देने का साहस नहीं है। पहली परीक्षा में, मेरे अच्छे अंक आने वाले थे। लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि मुझे फिर से अच्छे अंक मिलेंगे। सॉरी, मम्मी, पापा, मैंने आप दोनों के लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया।" उन्होंने जांच के लिए यह नोट पुलिस को सौंप दिया था।