एनसीपी के नवाब मलिक ने कहा कि मंत्रिमंडल में इससे संबंधित प्रस्ताव जल्द लाया जाएगा वहीं, शिवसेना के एकनाथ शिंदे ने कहा, इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
महाराष्ट्र में मुस्लिमों को शिक्षा और रोजगार में पांच फीसदी आरक्षण देने की तैयारी शुरू हो गई है। एनसीपी नेता और अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने शुक्रवार को विधान परिषद में कहा, जल्द ही मुस्लिमों को पांच फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल में लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अध्यादेश जारी होगा। वहीं, शिवसेना नेता और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है।
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दरअसल, विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य शरद रणपिसे ने पूछा कि पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने मुस्लिमों को आरक्षण देने का निर्णय लिया था, लेकिन छह साल से इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
इस पर मलिक ने कहा, मराठा समाज को दिए आरक्षण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन कोर्ट ने मुस्लिम आरक्षण के संदर्भ में जो मंजूरी दी है उसके आधार पर जल्द ही अध्यादेश लाया जाएगा। इसमें कानूनी अड़चन नहीं है। शिवसेना भी मुस्लिमों को आरक्षण देने का समर्थन करेगी। दूसरी ओर, सदन के बाहर शिंदे ने कहा, यह नीतिगत मामला है और महाविकास आघाड़ी के सभी दल मिलकर किसी भी समुदाय को आरक्षण देने पर फैसला करेंगे।
फडणवीस सरकार ने किया था विरोध
चव्हाण ने 2014 में शिक्षा और रोजगार में मराठा समाज को 16 फीसदी और मुस्लिम समाज को पांच फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। हालांकि हाईकोर्ट में मराठा आरक्षण नहीं टिक पाया। उसके बाद देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण दिया, लेकिन मुस्लिमों को नहीं दिया। सरकार का तर्क था कि संविधान के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। हालांकि अब उद्धव ठाकरे सरकार इस पर कदम आगे बढ़ा सकती है।