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महाराष्ट्र: भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण, एनसीपी को खरीद-फरोख्त की आशंका

Sat, 09 Nov 2019 10:35 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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राज्यपाल का भाजपा को न्योता (file photo) - फोटो : ANI
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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। भाजपा से कहा गया है कि अगर वह सरकार बनाना चाहती है तो सूचित करे। बता दें कि फडणवीस ने शुक्रवार को ही इस्तीफा दिया था। राज्यपाल के इस कदम के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। 
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल ने भाजपा को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। राज्यपाल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भाजपा के पास बहुमत है या नहीं, अन्यथा विधायकों की खरीद फरोख्त होगी।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, अगर भाजपा राज्य में सरकार बनाती है, तो हम सदन के पटल पर भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। यदि भाजपा सरकार गिरती है, तो राज्य के हित में हम वैकल्पिक सरकार बनाने का प्रयास भी करेंगे। 
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मलिक ने कहा, हम देखेंगे कि भाजपा सरकार को गिराने के लिए शिवसेना सदन में उसके खिलाफ वोट करती है या नहीं। ऐसा होता है तो हम वैकल्पिक सरकार को समर्थन देने पर विचार करेंगे। हमने अपने विधायकों की बैठक 12 नवंबर को बुलाई है। शरद पवार भी बैठक में मौजूद रहेंगे। 
 

फडणवीस ने दिया इस्तीफा 

बता दें कि बहुमत हासिल करने के बावजूद महाराष्ट्र में अब तक सरकार का गठन नहीं हो पाया है। भाजपा-शिवसेना के बीच सीएम पद की तकरार के बाद आखिरकार शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। 

प्रेस कांफ्रेंस में शिवसेना को सरकार गठन नहीं होने के लिए जिम्मेदार ठहराया था। फडणवीस ने कहा- जब चुनाव नतीजे आए उद्धव जी ने कहा कि सरकार बनाने के सभी विकल्प खुले हैं। ये हमारे लिए चकित करने वाला बयान था क्योंकि जनता ने गठबंधन के लिए जनादेश दिया था। 

वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी उनपर पलटवार किया। देवेंद्र फडणवीस ने सरकार न बन पाने के तमाम कारण गिनाए। उन्होंने आरोपों की लिस्ट गिनाई। उन्होंने कहा था- हम कहना चाहते हैं कि हम जो कहते हैं उसे निभाते हैं। हमारा काम भाजपा जैसा नहीं है। हम जुबान देते हैं तो निभाते हैं। जुबान देने से पहले लाख बार सोचते हैं। मैं बताऊंगा कि अमित शाह और कंपनी ने हम पर कितने आरोप लगाए हैं। हम जनता के लिए लड़ रहे थे।  
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