महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कारण जून के शुरुआती 13 दिनों 1522 लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद राज्य का पूरा स्वास्थ्य विभाग संक्रमितों की बढ़ती संख्या से ध्यान हटाकर मरीजों की हो रही मौत को रोकने में जुट गया है। मई के महीने में राज्य में कुल 1827 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हुई थी। भारत में कोरोना से हुई कुल मौत का आंकड़ा देखें तो सिर्फ 40 प्रतिशत लोग महाराष्ट्र में ही संक्रमण के कारण मरे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी तक हमारा पूरा ध्यान कोरोना की टेस्टिंग और संक्रमण को फैलने से रोकने पर था, लेकिन अब हमारी पूरी कोशिश है कि किस तरह से राज्य में मौत के आंकड़े कमी आए। राज्य के सबसे अधिक प्रभावित महानगर मुंबई में एक से 13 जून के बीच 834 लोगों ने दम तोड़ा है, वहीं मई में यहां 989 लोगों की मौत संक्रमण के चलते हुई थी। अपर नगर आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि मौत के बढ़ते आंकड़े डरा रहे हैं। उन्होंने कहा मई के कुछ दिनों को छोड़ दें, तो कोरोना के बढ़ते हुए मामलों में कमी आई है।
एक वार्ड के अधिकारी ने कहा कि, यहां 100 अधिक लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है, जिन लोगों ने दम तोड़ा है वो पहले से ही किसी ना किसी बिमारी से ग्रसित थे और ज्यादातर की उम्र 60 साल से अधिक थी। उन्होंने कहा कि हमने इसे देखते हुए मौत की बढ़ती संख्या पर काबू पाने के लिए बड़े स्तर पर बुजुर्गों की स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है।
मेडिकल शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि गंभीर हालत वाले मरीजों तक इलाज और दवाई की सुविधाएं पहुंचे। महाराष्ट्र सरकार ने रेमडेसिविर ड्रग का क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने का फैसला किया है