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महाराष्ट्र: क्या अब शुरू होगा विधायकों को रिसॉर्ट में ले जाने या हार्स ट्रेडिंग का खेल?

Sat, 23 Nov 2019 04:09 PM IST
योगेश साहू डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • प्रेसवार्ता में कांग्रेस के न शामिल होने पर भी सस्पेंस
  • पवार के सॉफ्ट रुख ने बना रखा है रहस्य
  • कौन किसको बना रहा राजनीति का मुर्गा
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महाराष्ट्र - फोटो : Social Media
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विस्तार
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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खडग़े, पृथ्वीराज चौव्हाण के सामने अपने विधायकों को बचाने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शरद पवार ने कहा कि वह, उनकी पार्टी और पार्टी के विधायक उनके साथ हैं।

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उनका कहना था कि संख्याबल उनके पास है। साथ ही 30 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा में राज्यपाल ने बहुमत साबित करने का समय दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या तीनों दल अपने विधायकों को बचाने के लिए रिसार्ट में ले जाने का तरीका अपनाएंगे?

सस्पेंस : कौन किसको बना रहा राजनीति का मुर्गा
शरद पवार ने भले भाजपा और अजित पवार के पास बहुमत न होने का दावा किया है, लेकिन घटनाक्रम कई सवाल अब भी छोड़ रहा है। पहला बड़ा सवाल है कि प्रेसवार्ता में कांग्रेस पार्टी क्यों शामिल नहीं हुई? माना जा रहा है कि कांग्रेस अभी इस पूरे खेल को समझने में लगी है।
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शाम को 4.30 बजे के करीब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में एनसीपी के रुख को देखकर ही कोई तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। सस्पेंस का दूसरा बड़ा कारण शरद पवार का प्रेसवार्ता में दिया गया वक्तव्य है।

शरद पवार ने अजित पवार के खिलाफ कार्रवाई का कोई एलान नहीं किया। उन्होंने अजित पवार को पार्टी से निलंबित करने की कोई घोषणा नहीं की। पवार ने अजीत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एनसीपी की समिति को अधिकृत किया। जबकि पवार निलंबन की घोषणा कर सकते थे।

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न बैंड, न बाजा, न बरात और सरकार बन गई: अहमद पटेल

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि बिना बैंड, बाजा, बारात के राज्य की सरकार बनाने का अवसर देकर आज की तारीख को इतिहास में काली स्याही से लिख दिया गया। पटेल का कहना है कि संविधान के मूल्य, सिद्धांतों की अवहेलना की गई। मूल्य, मान्यता, लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं।

उन्होंने कहा कि एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस के बीच में सरकार बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। हम सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए। हमने बिना देरी किए शरद पवार, शिवसेना के साथ सहमति बनाई। हम 23 नवंबर को 12.30 बजे मिलने वाले थे, लेकिन उसके पहले सारा तमाशा हो गया। बेशर्मी की इंतेहा पार की गई। पटेल ने कहा कि हम तीनों साथ रहेंगे और भाजपा को सदन में हराएंगे।
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कौन किसको बना रहा राजनीति का मुर्गा

बड़ा सवाल क्या एनसीपी ने राजनीतिक दल को राजनीति का मुर्गा बना दिया? या फिर अजीत पवार ने अपने चाचा शरद पवार को गच्चा दे दिया? फिलहाल इस समय बड़ा नुकसान शिवसेना को होता दिखाई दे रहा है। अपने सारे पत्ते खोलने के बाद फिलहाल शिवसेना के हाथ खाली हैं।

कांग्रेस ने भी एनसीपी, शिवसेना की प्रेसवार्ता से दूरी बनाई और उसने अलग से प्रेसवार्ता की। इस प्रेस वार्ता में अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खडग़े, केसी वेणुगोपाल, शुशील कुमार शिंदे सामने आए। अपना पक्ष रखा और चले गए।
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