मुंबई से सटे रायगढ़ जिले के करीब मांडवा तट पर शनिवार सुबह साढ़े दस बजे एक फेरी नौका चट्टान से टकराने के कारण अरब सागर में पलट गई। हालांकि पुलिस, स्थानीय मछुआरों और तटरक्षक बलों की तत्परता से नौका पर सवार सभी 88 यात्रियों को सकुशल बचा लिया गया।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई में गेट वे ऑफ इंडिया से सुबह साढ़े नौ बजे अलीबाग के लिए निकली फेरी नौका मांडवा जेट्टी से लगभग एक किलोमीटर पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। चट्टान से टकराने के बाद नौका में पानी भरने लगा। नौका को डूबते देख यात्री बचने की गुहार लगाने लगे।
संयोग था कि उसी समय कुछ ही दूरी पर मरीन पुलिस गस्त कर रही थी, जिससे तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो गया। सूचना मिलने पर तट रक्षक दल के जवान भी मौके पर पहुंच गए। तट रक्षक दल, मरीन पुलिस स्थानीय मछुआरों ने बोट पर सवार सभी यात्रियों एवं कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया।
नौका समुद्र में चट्टान से टकराने के बाद 8 यात्रियों को तट रक्षक दल ने जबकि अन्य सभी को मरीन पुलिस स्थानीय मछुआरों ने बचाया। बचाए गए यात्रियों को स्पीड बोट से मांडवा जेट्टी पर लाया गया। 95 यात्री क्षमता वाली बोट अजंता कंपनी की थी।
पुलिसकर्मी प्रशांत घरत बने देवदूत
मांडवा स्टेशन में कार्यरत पुलिसकर्मी प्रशांत घरत दुर्घटनाग्रस्त बोट में यात्रा कर रहे लोगों के लिए देवदूत साबित हुए। मांडवा जेट्टी के पास चट्टान से टकराने के बाद अजंता नौका में पानी रिसने लगा। मांडवा पुलिस थाने के उपनिरीक्षक धर्मराज सोनके ने सूचना मिलते ही सद्गुरु कृपा बोट के साथ पुलिस कर्मी प्रशांत घरत को मौके पर भेजा। घरत ने दो खलासियों की सहायता से यात्रियों को बचाने में जुट गए।