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महाराष्ट्र: गणेशोत्सव से पहले मंडलों की दो टूक, महाप्रसाद पर FDA से मांगा जवाब; DJ बैन पर सरकार का किया समर्थन

Mon, 07 Sep 2026 09:51 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, कोलकाता

सार

महाराष्ट्र में एफडीए ने जून से अगस्त के बीच 880 दवा निर्माण और बिक्री इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए ₹11.41 करोड़ की अवैध दवाएं-कॉस्मेटिक्स जब्त किए। वहीं गणेशोत्सव से पहले मंडलों ने महाप्रसाद पर एफडीए से जवाब मांगा और डीजे बैन के फैसले का समर्थन किया।
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महाप्रसाद पर मंडलों का सवाल - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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मुंबई के सार्वजनिक गणपति मंडलों की समन्वय समिति ने आगामी गणेशोत्सव को लेकर खाद्य सुरक्षा और डीजे पर नियमों को लेकर अपना रुख साफ किया है। बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने महाप्रसाद बांटने के नियमों और उसकी तैयारी से जुड़ी एसओपी पर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से स्पष्ट जानकारी मांगी है।

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समिति के अध्यक्ष नरेश दहिभावकर ने कहा कि मंडल खाद्य सुरक्षा से जुड़े कदमों का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन छोटे मंडलों के लिए महंगे ठेकेदार नियुक्त करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अगर किसी खास एजेंसी या ठेकेदार को जरूरी किया गया है तो सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

महाप्रसाद को लेकर क्या चाहते हैं गणपति मंडल?

एफडीए ने हाल ही में पूरे साल खाद्य सुरक्षा की निगरानी के लिए नई एसओपी लागू की है। इसके तहत त्योहार से 21 दिन पहले जांच शुरू की जाएगी। अधिकारियों को मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों और स्थानों की पहचान कर वहां निरीक्षण करना होगा। दहिभावकर ने कहा कि अगर महाप्रसाद पर पूरी तरह रोक लगानी है तो सरकार इसे स्पष्ट करे। उनके मुताबिक, समिति ने इस संबंध में अधिकारियों को पत्र भी भेजा है।

DJ बजाने पर गणपति मंडलों का क्या रुख है?

डीजे पर रोक के सवाल पर समिति ने कहा कि यह फैसला सरकार और स्थानीय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। मंडलों को तय ध्वनि सीमा का पालन करना चाहिए। समिति के अनुसार दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल की सीमा लागू है।

समिति ने विसर्जन से जुड़े नियमों की जानकारी समय से पहले देने की मांग की है। पर्यावरण प्रभाव कम करने के लिए उसने विसर्जन की रोटेशन व्यवस्था का सुझाव दिया है। समिति के मुताबिक, पिछले साल करीब 72,300 पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों और करीब 1.11 लाख POP मूर्तियों का विसर्जन हुआ था। मूर्तियों की ऊंचाई को लेकर समिति ने कहा कि सरकार और BMC को सड़क, ट्रैफिक, बिजली, सुरक्षा और विसर्जन व्यवस्था को ध्यान में रखकर नियम बनाने चाहिए। समिति का कहना है कि उसका उद्देश्य परंपरा का विरोध करना नहीं, बल्कि परंपरा और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना है।

महाराष्ट्र में नकली और गैरकानूनी दवाओं पर FDA का शिकंजा

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जून से अगस्त 2026 के बीच दवा बनाने और बेचने वाली 880 इकाइयों पर कार्रवाई की। इस दौरान विभाग ने 2,902 निरीक्षण किए और अवैध दवाओं व कॉस्मेटिक्स का ₹11.41 करोड़ का सामान जब्त किया। कार्रवाई के बाद 677 लाइसेंस निलंबित और 203 लाइसेंस रद्द किए गए। एफडीए ने 104 जगहों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई करते हुए 20 एफआईआर भी दर्ज कीं। जांच में बिना अनुमति दवा बनाने, गुणवत्ता मानकों में कमी, बिना बिल और बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाएं बेचने जैसी गड़बड़ियां मिलीं। इसके अलावा बिना डॉक्टर की पर्ची शेड्यूल्ड दवाएं बेचने और इंसुलिन-वैक्सीन जैसी तापमान-संवेदनशील दवाओं के गलत भंडारण के मामले भी सामने आए। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।

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