महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रसिद्ध खवड्या पहाड़ की ऊंची चट्टान से गिरकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। इस भीषण हादसे का एक बेहद चौंकाने वाला और भयावह वीडियो भी सामने आया है जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया। मृतकों की पहचान कुणाल चांदगुडे (19 वर्ष), उनके पिता मुरलीधर चांदगुडे (48 वर्ष) और मां संगीता चांदगुडे (42 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, कुणाल आत्महत्या के लिए सुबह करीब 10 बजे ही पहाड़ी पर पहुंच गया था। इसकी सूचना पर दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और उसे बचाने के लिए पहाड़ की तलहटी में सुरक्षा जाल लगाया था। हालांकि, युवक बार-बार अपनी जगह बदलता रहा। आखिरी करीब 15-20 मिनट में कुणाल के पिता मुरलीधर चंदगुड़े उसके पास पहुंचे और उसे समझाने लगे। इसी दौरान कुणाल अचानक नीचे कूद गया। उसे बचाने की कोशिश में पिता का संतुलन बिगड़ गया और दोनों खाई में गिर गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पति और इकलौते बेटे को सामने ही खोने के बाद मां संगीता चंदगुड़े सदमे में आ गईं। उन्होंने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। उनकी भी मौत हो गई।
मोबाइल फोन को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस युवक के यह कदम उठाने के वजह की जांच कर रही है लेकिन स्थानीय निवासी और पूर्व सरपंच के अनुसार, मोबाइल फोन, खासकर आईफोन लेने को लेकर परिवार में काफी समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार कुणाल के मानसिक अवसाद में होने की बात भी कही जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पथरीला पहाड़ी इलाका बेहद ढलान वाला है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
पहाड़ी के अंतिम छोर पर खड़ा था कुणाल
चश्मदीदों के मुताबिक, 18 वर्षीय कुणाल पहाड़ी के बिल्कुल अंतिम छोर (क्लिफ) पर खड़ा था। नीचे मौजूद उसकी मां संगीता और ग्रामीण लगातार चिल्लाकर उससे पीछे हटने की मिन्नतेें कर रहे थे। लोग उसे समझा रहे थे कि तुम पढ़े-लिखे हो, अपने भविष्य और माता-पिता के बारे में सोचो। लेकिन कुणाल रोते हुए सिर्फ एक ही रट लगाए था, नहीं-नहीं, मुझे मरना ही है। पिता उससे कुछ ही दूरी पर थे।
सरपंच ने दिया था आईफोन का लालच
पुलिस के मुताबिक पूर्व सरपंच ने खुद कुणाल को बचाने के लिए आखिरी कोशिश की थी। उन्होंने कुणाल को पुकारते हुए कहा, यह देख, मेरे पास मोबाइल है। तुझे जो भी 'आईफोन 15 प्रो' चाहिए, मैं तुझे खुद लाकर दूंगा। बस तू प्लीज नीचे उतर आ।
- आईफोन की बात सुनकर कुणाल घुटनों के बल बैठ गया और रोते हुए पूर्व सरपंच से बेहद हताश आवाज में बोला, अब किसी भी चीज पर कोई सॉल्यूशन (उपाय) नहीं बचा है। बस हमारे पास अब यही एक आखिरी रास्ता है।