मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने चिट्ठी लिखकर सचिन वाजे के माध्यम से 100 करोड़ रुपए प्रतिमाह की उगाही की बात लिख कर सरकार, पुलिस महकमे और कुछ "चहेते अफसरों" की सांठगांठ को उजागर कर दिया है। हालांकि पुलिस महकमे से पहले से वाकिफ लोग इस बात से पूरी तरीके से वाकिफ हैं कि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के माध्यम से न सिर्फ अवैध उगाही होती है, बल्कि राजनैतिक और पुलिस महकमे के प्रश्रय से ये अपना कद बहुत बड़ा कर लेते हैं। इन्हें मीडिया में नायक या सुपरमैन की तरह पेश किया जाता है। इन्हें केंद्रित करके फ़िल्में बनती हैं। आम लोग इन्हें रक्षक की तरह देखने लगते हैं।
महाराष्ट्र से लेकर देश के कई राज्यों में ऐसे बहुत से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं, जिन्होंने राजनैतिक और पुलिस महकमे के संरक्षण के बाद अपना "निजी साम्राज्य" बढ़ाने में बल मिलता रहा। महाराष्ट्र के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इस मामले में सबसे ज्यादा आगे रहे।