महाराष्ट्र चुनाव में छिड़ा वोट जिहाद का नारा काफी उछल रहा है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने वोट जिहाद का जवाब वोटों के धर्म युद्ध से देने की बात कही। अब राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने वोट जिहाद को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई को वोट जिहाद कहना गलत है। हिंदू समाज को इसका जवाब देना चाहिए और डटकर मुकाबला करना चाहिए।
गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि किसे वोट देना है, इसे लेकर पहले धार्मिक स्थलों से पर्चे बांटकर निर्देश जारी किए जाते थे, लेकिन अब वोट जिहाद जैसे नारे खुले तौर पर दिए जा रहे हैं। यह जिहाद धर्म-युद्ध के बराबर है। उन्होंने कहा कि दो राजनीतिक दलों के बीच लड़ाई को युद्ध कहना सही नहीं है। अब वोट जिहाद की खुले तौर पर वकालत की जा रही है। हिंदू समाज को बिना किसी हिचकिचाहट इसका मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा हिंदू होना मानवता का पक्षधर है। हमें छत्रपति शिवाजी महाराज की तरह सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करना है। हमें अन्याय को भी सहन करना चाहिए।
इसे पहले महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद फडणवीस ने 'वोट-जिहाद' का मुकाबला 'वोटों के धर्म-युद्ध' से करने की बात कही थी। उन्होंने महायुति सरकार के खिलाफ 'वोट जिहाद' के लिए एक इस्लामी विद्वान की कथित अपील का जिक्र किया और दावा किया कि ऐसे प्रयासों के पीछे का उद्देश्य न केवल महाराष्ट्र सरकार बल्कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भी अस्थिर करना था।
खड़कवासला में एक रैली के दौरान भाजपा नेता फडणवीस ने सज्जाद नोमानी का एक वीडियो दिखाया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ लोग चुनावों के दौरान मतदाताओं को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि उनकी सरकार ने 'लड़की बहन योजना' जैसी योजनाएं बनाई हैं, जो सभी धर्मों की महिलाओं के लिए हैं, न कि सिर्फ एक खास धर्म के लिए।
हम एकजुट रहने पर ही रह सकते हैं सुरक्षित
फडणवीस ने दावा किया था कि 'वोट जिहाद' का नारा लगाया गया है। अगर वोट-जिहाद होने वाला है, तो हमें वोटों का धर्मयुद्ध भी लड़ना होगा। उन्होंने कहा, आज हम एकजुट रहेंगे, तभी सुरक्षित रह सकते हैं।
महाराष्ट्र में एमवीए बनाम महायुति
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होने हैं, सभी 288 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) से मिलकर बना विपक्षी एमवीए गठबंधन राज्य में सत्ता हासिल करना चाहता है, जो महायुति गठबंधन को चुनौती देता है, जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं।
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