Maharashtra: अरविंद सावंत ने कहा, मैं हमेशा महिलाओं को उचित सम्मान देने में आगे रहा हूं। मेरी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किय गया और मुझे जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, फिर भी अगर मेरी टिप्पणियों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए खेत व्यक्त करता हूं और माफी मांगता हूं।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने शनिवार को महाराष्ट्र चुनाव में मुंबा देवी सीट से उम्मीदवार शाइना एनसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगी। एक दिन पहले शाइना की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सावंत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी किसी महिला का अपमान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों की वजह से इसे तूल दिया जा रहा है।
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'किसी की भावना को ठेस पहुंची तो माफी मांगता हूं'
सावंत ने कहा, मैं हमेशा महिलाओं को उचित सम्मान देने में आगे रहा हूं। मेरी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किय गया और मुझे जानबूझकर निशाना बनाया गया। इससे मुझे दुख हुआ। फिर भी अगर मेरी टिप्पणियों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए खेत व्यक्त करता हूं और माफी मांगता हूं। 55 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने कभी भी महिलाओं का अपमान नहीं किया।
सावंत ने पूछा- अन्य नेताओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई
उन्होंने यह भी पूछा कि जब अन्य राजनेताओं ने महिलाओं को जर्सी गाय और सुपर्णखा कहा, तब उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। सावंत ने कहा, क्या ऐसी टिप्पणियों के जरिए महिलाओं का सम्मान किया गया? एक राज्य मंत्री ने (शरद पवार गुट की नेता) सुप्रिया सुले के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। क्या कोई कार्रवाई हुई? उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से उनके खिलाफ विवाद खड़ा गया है।
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'मैंने किसी का नाम नहीं लिया, मेरी छवि करने की कोशिश'
सावंत ने कहा, मैंने किसी का नाम नहीं लिया था। मुझे दुख है कि मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की गई। यह टिप्पणी 29 अक्तूबर को की गई थी और इस मामले को 1 नवंबर को उठाया गया। शाइन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सावंत ने उन्हें 'आयातित माल' कहा था। उन्होंने कहा था था कि 20 साल से पेशेवर और राजनीतिक कार्यकर्ता को 'माल' कहना शिवसेना (यूबीटी) की मानसिकता को दर्शाता है।
शाइना एनसी की शिकायत सावंत के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इसके बाद शाइना ने सावंत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिसके आधार पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 और 356 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। उधर, राष्ट्रीय महिला अधिकार आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने भी इस मामले में पुलिस और चुनाव आयोग (ईसी) से कार्रवाई की मांग की।