महाराष्ट्र में होने वाली विधानसभा चुनाव में अब एक हफ्ते का समय शेष रह गया है। राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी दावेदारी प्रबल करने में लगी हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में उतरे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को चुनावी झटका लगता हुआ दिख रहा हैं। जहां पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि वो अपने भाषण के दौरान किसी भी भड़काऊ शब्दों का इस्तमाल ना करें। बता दें कि पुलिस ने ओवैसी को ये नोटिस तब भेजा जब वे सोलापुर विधानसभा क्षेत्र में एक रैली में मंच पर थे और एआईएमआईएम उम्मीदवार फारूक शाब्दी के लिए प्रचार कर रहे थे।
पुलिस ने ओवैसी को दिया निर्देश
असदुद्दीन ओवैसी को पुलिस ने नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि वे अपने भाषणों में किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल न करें। ओवैसी को नोटिस पढ़ते हुए और उसी समय मोबाइल फोन पर बात करते हुए देखा गया। हलांकि नोटिस में किसी खास मामले का उल्लेख नहीं किया गया है जिसमें ओवैसी ने अपने भाषणों से किसी कानून का उल्लंघन किया हो।
16 सीटों पर ओवैसी का चुनावी दांव
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) महाराष्ट्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए चुनावी मैदान में उतरी है। पार्टी मुस्लिम और दलित वोटों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है और इस बार 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
हालांकि, AIMIM ने 2014 और 2019 में केवल दो सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार पार्टी बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जता रही है। बता दें कि 2019 में AIMIM ने 44 सीटों पर चुनाव लड़ा था और मालेगांव सेंट्रल और धुले में जीत हासिल की थी लेकिन इसने कांग्रेस और शरद पवार की NCP के उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें भी पैदा की थीं।
दलित और मुस्लिम पर दांव
महाराष्ट्र चुनाव में ओवैसी इस बार दलित और मुसलमान वोटों का समीकरण सेट करने का प्रयास कर रहें है। शायद यहीं कारण है कि एआईएमआईएम प्रमुख ने औरंगाबाद सेंट्रल, औरंगाबाद ईस्ट, मुंब्रा-कलवा (ठाणे), मालेगांव सेंट्रल, धुले, सोलापुर, नांदेड़ साउथ, मानखुर्द शिवाजी नगर, भिवंडी वेस्ट, करंजा, नागपुर नॉर्थ, बायकुला, वर्सोवा (मुंबई), मुर्तिजापुर (अकोला), कुर्ला और मिराज (सांगली) में 4 दलित और 12 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। बताते चले कि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होनी हैं।