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Maharashtra Election: 'चुनाव के बाद फैसला करेंगे महायुति सहयोगी...', CM के चेहरे को लेकर शाह का बड़ा बयान

Sun, 10 Nov 2024 03:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra Election: मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर शाह ने कहा, फिलहाल एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं। लेकिन चुनाव के बाद तीनों गठबंधन सहयोगी मिलकर मुख्यमंत्री का चयन करेंगे। 
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अमित शाह - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को भरोसा जताया कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पूर्व बहुमत के साथ सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे का फैसला चुनाव के बाद गठबंधन के सहयोगी दल करेंगे। यह बयान उन्होंने मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र को जारी करने के बाद दिया। 

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'महायुति सहयोगी मिलकर करेंगे मुख्यमंत्री का चयन'
महायुति गठबंधन के घटक दलों में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। तीनी दलों ने अपने-अपने घोषणा पत्र जारी किए हैं। शाह ने बताया कि चुनाव के बाद तीनों दलों के मंत्रियों की एक समिति बनाई जाएगी, जो चुनावी वादों को प्राथमिकता देगी। मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर शाह ने कहा, फिलहाल एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं। लेकिन चुनाव के बाद तीनों गठबंधन सहयोगी मिलकर मुख्यमंत्री का चयन करेंगे। 

उद्धव ठाकरे और शरद पवार साधा निशाना
अमित शाह ने यह भी कहा कि शिवसेना और राकांपा में विभाजन इसलिए हुआ, क्योंकि उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे की जगह अपने बेटे को प्राथमिकता दी और शरद पवार ने अपनी बेटी को अजित पवार की जगह तरजीह दी। इन दलों ने अपने परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दी। इसलिए ये दल टूट गए। अब भाजपा पर बेवजह आरोप लगा रहे हैं। भाजपा परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ है।
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आरक्षण को कमजोर करने के आरोप को किया खारिज
उन्होंने आरक्षण को कमजोर करने के कांग्रेस के आरोपों को भी खारिज किया।  उन्होंने कहा, यह मोदी सरकार है जिसने अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) को आरक्षण दिया है। हमने आरक्षण को मजबूत किया है। शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली हरकत तब उजागर हो गई, जब यह बात सामने आई कि (राहुल गांधी द्वारा दिखाई लाल किताब) किताब के पन्ने खाली थे। वह अब मजाक का पात्र बन गए हैं। 

शाह ने जलगांव में मुस्लिम आरक्षण पर एमवीए को घेरा
घोषणा पत्र जारी करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह रविवार को जलगांव पहुंचे। यहां रावेर और बुलढाणा के मलकापुर में चुनावी रैलियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को 10 फीसदी आरक्षण की मांग से दलितों, आदिवासियों और ओबीसी के लोग प्रभावित होंगे, क्योंकि आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत ही है। आरक्षण में कोई भी बढ़ोतरी मौजूदा आरक्षण की कीमत पर ही होगी। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी के नेताओं की सत्ता की लालसा ने उन्हें हाशिये पर पड़े समुदायों के प्रति अंधा कर दिया है। भाजपा सभी समुदायों के कल्याण के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है, लेकिन मुसलमानों के लिए किसी भी प्रकार के आरक्षण के सख्त खिलाफ है। जब तक भाजपा का एक भी सांसद या विधायक यहां है, हम धर्म आधारित आरक्षण का विरोध करेंगे। यह हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण देश की सुरक्षा से समझौता किया है। वे वोटों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर रहे हैं।
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