मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में 16 मार्च तक के लिए भेज दिया। सुनवाई के दौरान ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) मामले सुनने वाली विशेष अदालत को बताया कि कपूर ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न संस्थाओं को 30,000 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए थे।
निजी बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ 62 वर्षीय राणा कपूर को ईडी ने बीते रविवार को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कथित तौर पर जांच में सहयोग नहीं करने का हवाला देते हुए गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि कपूर को कोर्ट ने पहले 11 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजा था। बुधवार को उनकी रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें विशेष अदालत के न्यायाधीश पीपी राजवैद्य के समक्ष पेश किया गया था।
अदालत ने उनकी ईडी हिरासत 16 मार्च तक बढ़ा दी, क्योंकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इसे आगे की जांच के लिए जरूरी बताया था। अपनी हिरासत में रखे जाने की मांग करते हुए ईडी ने अदालत को बताया कि कपूर जब बैंक के पैनल में थे, तब विभिन्न संस्थाओं को 30,000 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए थे। एजेंसी ने अदालत से कहा कि इसमें से 20,000 करोड़ रुपये खराब ऋणों में बदल गए। हमें इस बात की बहुत विस्तार से जांच करने की जरूरत है कि पैसा कहां से कैसे आया।